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मऊबदइंतजामी के बीच गोशालाओं में दम तोड़ रहे पशु

हिन्दुस्तान टीम,मऊPublished By: Newswrap
Tue, 25 May 2021 03:20 AM
बदइंतजामी के बीच गोशालाओं में दम तोड़ रहे पशु

कोपागंज। धीरेन्द्र त्रिपाठी

सरकार संरक्षित गोशालाओं में पंचायत चुनाव के दौरान बड़ी संख्या में गोवंशीय पशुओं की कमी ने गायों को लेकर उत्तर प्रदेश की योगी सरकार की संवेदनशीलता पर सवाल खड़ा कर दिया है। कोपागंज के लेरो बेरूआर स्थित गो आश्रय स्थल में पंचायत चुनाव के दरम्यान कुल 48 गौ वंशो की जगह इस समय मात्र 20 ही गौ वंश मौजूद हैं। जबकि गायों के लिए एम्बुलेंस, हर जिले में 1000 की क्षमता वाले गो-आश्रय स्थल और शराब, टोल टैक्स पर गो-कल्याण सेस लगाने जैसी योजनाओं की घोषणाओं व अमल के बाद भी सरकार संरक्षित गोशालाएं बदइंतजामी की शिकार हैं।

कोपागंज ब्लॉक के ग्राम सभा लैरो बेरूवार के मौजा चेरुइया में स्थित गौ आश्रय स्थल में कहने को तो गायों को देखभाल करने के लिए तीन कर्मचारियों को लगाया गया है। चारे की भी समुचित व्यवस्था की गई है। लेकिन पंचायत चुनाव के बाद इस गौ आश्रय स्थल में 48 गौ वंशो की जगह केवल 20 गौ वंश का पाया जाना कुछ अलग कहानी कह रहा है। चारे-पानी, इलाज आदि की व्यवस्था न होना और गोशालाओं में देखरेख के लिए कर्मचारियों की कमी से गौ वंशो की मौत हो गयी है या चारा आदि की समुचित व्यवस्था न होने के चलते कही भाग गई है। इस गौ आश्रय स्थल में अक्सर गायों की मौत की खबर आती रहती है। गौ वंशो की मौत के बाद जांच होती है और फिर लीपापोती कर दी जाती है।

मामला संज्ञान में नहीं है। अगर ऐसा है तो सम्बंधित ग्राम सचिव से वार्ता कर इसकी जांच की जाएगी। अगर मामला पुष्ट हुआ तो संबंधित के विरुद्ध कार्रवाई भी तय है।- देव कुमार चतुर्वेदी, खण्ड विकास अधिकारी

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