A crude house collapsed in Kopaganj averted accident a chaos - कोपागंज में भरभरा कर गिरा कच्चा मकान, टला हादसा, मची अफरातफरी DA Image
17 फरवरी, 2020|6:24|IST

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कोपागंज में भरभरा कर गिरा कच्चा मकान, टला हादसा, मची अफरातफरी

कोपागंज में भरभरा कर गिरा कच्चा मकान, टला हादसा, मची अफरातफरी

कस्बा के मुहल्ला हकीमपुरा में गुरुवार की अलसुबह जर्जर हुआ कच्चा मकान बारिश की मार नहीं झेल पाया और भरभरा कर पूरी तरह से ढह गया। संयोग ऐसा था कि परिवार के सभी लोग खपरैल के बने दूसरे कमरे में थे, जिसके कारण कोई घायल नहीं हुआ। ध्वस्त हुए मकान में ही परिवार की आजीविका का एकमात्र साधन हैंडलूम भी रखा हुआ था। वह भी मलबे में दबकर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। नगर पंचायत कोपागंज की हाकिमपूरा में सुहेल अहमद पुत्र स्वर्गीय अब्दुल्लाह अपने परिवार के छह सदस्यों के साथ जिस मकान में रहता था। मकान बिल्कुल जर्जर हो चुका था। साल भर पहले पिता के इंतकाल के बाद तीन औरतों और तीन छोटे भाइयों सहित पूरे परिवार की जिम्मेदारी सुहेल के ऊपर ही आ गई। परिवार की माली हालत खराब होने के कारण सुहेल ने प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी)के अंतर्गत आवास पाने के लिए अपने सारे जरूरी कागजात देकर ऑनलाइन कराया लेकिन आठ महीने बीत गए आवास नहीं आया। इस बीच जर्जर हुआ मकान इस बरसात के मौसम में लगातार हो रही बारिश की मार नहीं झेल पाया और भरभरा कर गिर गया। परिवार के लोग भी वहां थे, लेकिन उन्हें मकान के गिरने का अंदेशा हो गया और सभी मकान के बगल में स्थित छोटे से खपरैल के कमरे में चले गए। खपरैल में परिवार के जाते ही पूरा का पूरा मकान भरभरा कर गिर गया। इससे पहले कि सोहेल और परिवार के लोग कुछ समझ पाते, मलबे में दबकर परिवार की आजीविका का एकमात्र साधन हैंडलूम भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। सोहेल ने कहा कि अगर प्रधानमंत्री आवास के अंतर्गत उसे आवास मिल जाता तो आज उसके सामने यह विकट संकट उत्पन्न नहीं होता। अब उसके सामने अब सबसे बड़ी मुसीबत यह है कि अब वह बरसात के इन दिनों में अपने परिवार को लेकर कहां जाए।

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