891 स्कूलों ने नहीं दिया वाहनों का शपथ पत्र, नोटिस जारी
मऊ में स्कूल वाहनों की सुरक्षा मानकों के अनुपालन के लिए विशेष अभियान चलाया गया। 906 स्कूलों ने अपने वाहनों का ब्यौरा ऑनलाइन दर्ज किया, लेकिन 891 स्कूलों ने अभी तक शपथ पत्र नहीं दिया है। एआरटीओ ने नोटिस जारी किए हैं। अभियान में वाहनों का भौतिक निरीक्षण भी किया गया, जिसमें कई कमियां पाई गईं।

मऊ, संवाददाता। स्कूल वाहनों में सुरक्षा मानकों के अनुपालन को चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत सभी करीब 906 स्कूलों ने अपने वाहनों का ब्यौरा ऑनलाइन दर्ज कर दिया है लेकिन 891 स्कूलों ने अभी शपथ पत्र नहीं दिया है। एआरटीओ द्वारा सख्ती दिखाते हुए सभी को नोटिस जारी किए गए हैं। विभाग के अनुसार, अभियान में सभी स्कूलों को अपने वाहनों का विवरण ऑनलाइन दर्ज करने के साथ-साथ शपथ पत्र देना अनिवार्य है कि उसके द्वारा दी गई वाहनों की संख्या और जानकारी अद्यतन और सही है। संभागीय परिवहन कार्यालय के अनुसार लगभग सभी करीब 906 स्कूलों ने वाहनों का ऑनलाइन ब्यौरा विभागीय पोर्टल पर अपलोड कर दिया है, लेकिन शपथ पत्र जमा करने में लापरवाही बरत रहे हैं।
अधिकारियों के अनुसार, ऐसे 891 स्कूलों को नोटिस जारी किए गए हैं।यही नहीं, जिन स्कूलों ने वाहनों का ऑनलाइन पंजीकरण कराया है, उनमें करीब 826 यानी 91 प्रतिशत वाहनों का भौतिक निरीक्षण भी हो चुका है। निरीक्षण के दौरान वाहनों में छोटी-छोटी कमियां सामने आई हैं। इनमें जीपीएस सिस्टम का रिचार्ज न होना, फायर सिलेंडर का अपडेटेड न होना और अन्य सुरक्षा उपकरणों की कमी शामिल है जिन्हें दुरुस्त कराया जा रहा है। स्कूल बदलने या संचालन में बदलाव के चलते कई वाहनों के परमिट अपडेट करने के मामले भी सामने आए हैं। कुछ वाहनों को नियमों के अनुरूप न पाए जाने पर रिजेक्ट भी किया गया है। डीबीए करुणानिधि राय ने बताया कि सुरक्षा मानकों से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।एक से 15 अप्रैल तक चलाया गया अभियानमऊ। स्कूली वाहनों की ऑनलाइन मॉनीटरिंग करने के लिए परिवहन आयुक्त की ओर से एक पोर्टल विकसित किया गया है। आयुक्त की ओर डीएम के जरिए डीआईओएस, बेसिक शिक्षा अधिकारी को पत्र भेजकर निर्देशित किया गया था कि जिले के सभी स्कूल संचालक एक से 15 अप्रैल तक इसी पोर्टल पर अपने स्कूल वाहनों का विवरण फीड करेंगे। सभी स्कूल वाहनों का विवरण फीड करने के बाद स्कूल संचालक शपथ पत्र देंगे कि उन्होंने अपने सभी स्कूल वाहनों का विवरण पोर्टल पर फीड कर दिया है। पोर्टल पर स्कूल संचालकों की ओर से फीड किए गए वाहनों का विवरण जानने के लिए परिवहन विभाग की ओर से डीआईआईओएस और बीएसए को लॉगिन-आईडी मुहैया कराई गई थी। वाहनों का स्कूलवार सत्यापन करने और उसकी रिपोर्ट फीड करने की जिम्मेदारी एआरटीओ को दी गई थी। डीएम प्रवीण मिश्र के निर्देश पर जिले में एक अप्रैल से 15 अप्रैल तक चले अभियान के बाद स्कूल संचालकों की ओर से 906 स्कूल वाहनों का विवरण पोर्टल पर अपलोड किया गया है।संचालकों पर मेहरबान हैं अफसरमऊ। जिले के स्कूल संचालकों ने दिए गए सख्त निर्देश के बाद भी पोर्टल पर शपथ पत्र भरने में लापरवाही बरत रहे है। इसके बावजूद डीआईओएस और बेसिक शिक्षा अधिकारी की ओर से स्कूल संचालकों के खिलाफ कोई सख्ती नहीं दिखाई जा रही है। ऐसे में लोग यह चर्चा करने लगे हैं कि डीआईओएस और बेसिक शिक्षा अधिकारी की मेहरबानी से ही स्कूल संचालक अपने मनमाने रवैये पर कायम हैं।महाविद्यालय के वाहनों के लिए पोर्टल में नहीं है व्यवस्थामऊ। जनपद में बेसिक शिक्षा विभाग एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग द्वारा संचालित परिषदीय, राजकीय और सहायता प्राप्त विद्यालयों को वाहन नहीं होने का शपथ पत्र भरना होगा। परिषदीय विद्यालयों के प्रधानाध्यापक पूरा विवरण भरकर खंड शिक्षा अधिकारी को देंगे कि उनके विद्यालय में कोई वाहन संचालित नही होता है। जिसे खंड शिक्षा अधिकारी बीएसए को विवरण दे पोर्टल पर अपडेट कराएंगे देंगे। इसी प्रकार राजकीय और सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालय भी विवरण देंगे। हालांकि जनपद में संचालित महाविद्यालय के संचालक नए नियम को लेकर परेशान है। क्योंकि उन्हें किसी भी प्रकार का कोई यू-डायस कोड का आवंटन नही है। ऐसे में वे अपने विद्यालय के वाहन पोर्टल पर दर्ज नही कर पा रहे है। संभागीय परिवहन कार्यालय के अनुसार पोर्टल को अपडेट किया जा रहा है। जल्द ही ऑप्शन आ जाएगा। साथ ही बीएसए और डीआईओएस को भी कोड जारी करने के लिए पत्र जारी किया गया है।
कृपया अपने अनुभव को रेट करें
लेखक के बारे में
Hindustanलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।


