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'पिंक ताइवानी' दे रहा इलाहाबादी अमरूद को टक्कर

इलाहाबादी अमरूद को अब पिंक ताइवानी अमरूद टक्कर दे रहा है। पूर्वांचल के मऊ, आजमगढ़, बलिया और गाजीपुर जिलों में किसानों ने नकदी फसल के तौर पर इसकी...

'पिंक ताइवानी' दे रहा इलाहाबादी अमरूद को टक्कर
हिन्दुस्तान टीम,मऊThu, 30 Nov 2023 12:30 AM
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चंद्रशेखर श्रीवास्तव
मऊ। इलाहाबादी अमरूद को अब पिंक ताइवानी अमरूद टक्कर दे रहा है। पूर्वांचल के मऊ, आजमगढ़, बलिया और गाजीपुर जिलों में किसानों ने नकदी फसल के तौर पर इसकी खेती शुरू की है। 'पिंक ताइवानी' का रंग भी इलाहाबादी अमरूद की तरह गुलाबी है। इसके आकार भी उसके जैसे ही हैं।

पूर्वांचल के किसान ज्यादातर धान, गेहूं एवं गन्ने की पारंपरिक खेती ही करते हैं। कभी सूखा, बारिश जैसी दैवीय आपदा के चलते उन्हें लागत निकालना भी मुश्किल हो जाता है। इसे देखते हुए मऊ जिले के कोपागंज ब्लाक के राजपुरा गांव निवासी किसान नरेंद्र राय ने 2021 में लखनऊ से पिंक ताइवानी नस्ल के पौधे मंगाकर नकदी फसल के तौर पर खेती शुरू की। अच्छी पैदावार देख उन्होंने अपने एक बीघे खेत में बागवानी शुरू की। पिंक ताइवानी वर्ष में तीन बार फल देते हैं। नरेंद्र राय को खेती करते देख जिले के अन्य किसान भी प्रेरित हुए। धीरे-धीरे यह दायरा बढ़ता गया। अब गाजीपुर, आजमगढ़ समेत पूर्वांचल के अन्य जिलों में भी इसकी खेती शुरू हो गई है। नरेंद्र राय ने बताया कि पिंक ताइवानी अमरूद के एक पेड़ की लागत 100 से 150 रुपये है। इसकी बागवानी बहुत आसान है। खेत में एक बार पेड़ लगाने पर 15 से 20 साल तक आसानी से फल लिए जा सकते हैं। सोड़सर गांव के किसान श्रीनिवास राय, फतेहपुर ताल नरजा के जफरुद्दीन, अजय प्रताप सिंह, कोपागंज के सुभाष यादव समेत अन्य किसानों ने भी एक से दो एकड़ खेत में ताइवानी अमरूद की खेती शुरू की है। सर्दी का मौसम शुरू होने के साथ ही पूर्वांचल की फल मंडियों में ताइवानी अमरूद नजर आने लगा है।

कम लागत में अधिक मुनाफा कमा रहे किसान

किसान नरेंद्र राय बताते हैं कि एक बीघे अमरूद की बागवानी लगाने में लगभग एक लाख रुपये का खर्च आता है। जबकि किसान फल बेचकर साल में आसानी से तीन लाख की आमदनी कर रहे हैं। इसकी बागवानी में मेहनत के साथ लागत भी कम है। यही कारण है कि किसान इसके प्रति आकर्षित हो रहे हैं।

छह महीने में ही मिलने लगता है फल

अमरूद की खेती में शुरू के दिनों में केवल सिंचाई की जरूरत होती है। करीब 6 महीने में ही पेड़ फल देने लगते हैं। एक फल का वजन 300 से 400 ग्राम तक का होता है। सहायक विकास अधिकारी कृषि धीरेंद्र कुमार ने बताया कि इस अमरूद की अपनी अलग विशेष विशेषता है। यह काफी मीठा होता है। 12 महीने इसके फल मिलते हैं।

बाजार में 40 से 60 रुपये प्रति किलो हो रही बिक्री

पिंक ताइवानी अमरूद की बिक्री मऊ समेत गाजीपुर, बलिया, आजमगढ़ में भी होती है। यह इलाहाबादी अमरूद की तरह ही है। इसलिए इसकी मांग बाजार में खूब है। बाजार में यह 40 से 60 रुपये प्रति किलो बिक रहा है।

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