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महात्मा गांधी के संदेशो को हमें आत्मसात करना होगा : कृष्णपाल सिंह

महात्मा गांधी के संदेशो को हमें आत्मसात करना होगा : कृष्णपाल सिंह

केशीघाट स्थित प्रेम महाविद्यालय इंटर कालेज में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 150 वीं जयंती वर्ष पर राष्ट्रीय संग्रहालय संस्थान नई दिल्ली द्वारा एक दिवसीय कार्यशाला गांधी जी हैं सबके लिए का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि डीआईओएस डा. कृष्णपाल सिंह ने कहा कि यह गौरव का विषय है कि महात्मा गांधी का पदार्पण ब्रजभूमि के प्रेम महाविद्यालय में हुआ था। हमें उनके द्वारा दिए गए सत्य, अहिंसा, एकता अखंडता एवं स्वच्छता के संदेश को आत्मसात करना होगा। तभी हमारा देश एक बार फिर से विश्व गुरु बन सकेगा। एडीआईओएस रनवीर सिंह ने कहा कि गांधी ने छूआछूत को मिटाया तथा समाज के दलित वर्ग को समानता का दर्जा दिलाने के लिए हरिजन नाम पत्र निकाला। डा. शालिनी अग्रवाल ने कहा कि महात्मा गांधी का सपना एक स्वच्छ भारत का था। जिसे आज का समाज साकार कर रहा है। टीपी सिंह ने कहा कि उनके जीवन चरित्र से प्रेरणा लेकर हमें कर्मशील होना चाहिए तथा स्वदेशी अपनाना चाहिए। डा. कमल कौशिक ने कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी सत्य एवं अहिंसा के पुजारी थे। सत्याग्रह द्वारा समाज के सत्य पर चलने की प्रेरणा दी।इससे पूर्व कार्यशाला में महात्मा गांधी के जीवन से जुड़ी हुई वस्तुएं चश्मा, कंठी, चरखा, तीन बंदर, गीता पुस्तक, खड़ाऊं, धोती, घड़ी आदि पर आधारित भारत सरकार द्वारा निकाली गई डाक टिकट, सिक्के, रुपये, पोस्टकार्ड आदि की प्रदर्शनी लगाई गई। वहीं चित्रकला प्रतियोगिता में बच्चों ने उनके जीवन से जुड़े विभिन्न पहलुओं को अपनी तूलिका से उकेरा। इस अवसर पर अनुसंधान सहायक सुशांत भारती, हुमा खान, आनंद हरि, प्रो. डा. मानवी सेठ, डा. देवप्रकाश शर्मा, डा. जगदीश शर्मा, आचार्य नरेशनारायण, डा. शिवआधार सिंह यादव, अजय कुमार मौर्य, जोगेंद्र सिंह, रामप्रसाद, डा. सोमकांत त्रिपाठी, डा. सुमन रानी, पंकज चौधरी, सुनील कुमार वर्मा, सुरेशचंद लवानियां, मुकेश आदि उपस्थित थे।

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