वक्फबोर्ड की सम्पत्तियों को पोर्टल दर्ज करने का समय 6 माह बढ़ा

वक्फबोर्ड की सम्पत्तियों को पोर्टल दर्ज करने का समय 6 माह बढ़ा

संक्षेप:

Mathura News - जनपद की करीब 70 प्रतिशत सम्पत्तियां नहीं हो सकी थीं दर्जवक्फबोर्ड की सम्पत्तियों को पोर्टल दर्ज करने का समय 6 माह बढ़ावक्फबोर्ड की सम्पत्तियों को पोर्ट

Dec 11, 2025 08:38 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, मथुरा
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यूपी वक्फ न्यायाधिकरण (वक्फ ट्रिब्यूनल) ने उम्मीद पोर्टल पर वक्फ सम्पत्तियों की इंट्री किए जाने की समय सीमा को अब छह माह तक के लिए बढ़ा दिया है। इससे पूर्व 6 दिसंबर को इंट्री की समय सीमा समाप्त हो गई। अंतिम तिथि तक जनपद की करीब 30 प्रतिशत सम्पत्ति की इंट्री हो पाई थी। समय सीमा बढ़ जाने के बाद वक्फ सम्पत्तियों से जुड़े पदाधिकारियों ने राहत की सांस ली है। केन्द्र सरकार के अल्पसंख्यक मंत्रालय ने सभी वक्फ सम्पत्तियों को 6 दिसंबर तक अनिवार्य रूप से उम्मीद पोर्टल पर अपलोड करने के निर्देश जारी किए थे। इस अवधि में जनपद मथुरा की कुल 947 सम्पत्तियों में से करीब 30 प्रतिशत की इंट्री उम्मीद पोर्टल पर हो पाई थी।

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वर्ष 1990 में 18 अगस्त तक जनपद के गजट में वक्फ की 826 सम्पत्तियां दर्ज हैं। 6 दिसंबर तक उम्मीद पोर्टल पर करीब 300 सम्पत्तियों की इंट्री हो पाई थी। जनपद में शाही मस्जिद ईदगाह व 31 जामा मस्जिद वक्फ की सम्पत्ति के तौर पर दर्ज हैं। वक्फ कोआर्डिनेटर व अधिवक्ता शारिक अली ने बताया कि उम्मीद पोर्टल पर इंट्री का समय बढ़ा जाने से सम्पत्तियों की देखभाल करने वालों बड़ी राहत मिली है। 6 दिसंबर तक करीब 30 प्रतिशत वक्फ की सम्पत्तियां ही पोर्टल पर दर्ज हो पाई थीं। वर्ष 1990 के बाद बढ़ गई वक्फ की 101 सम्पत्तियां वक्फ ट्रिब्यूनल द्वारा 18 अगस्त 1990 में वक्फ की सम्पत्तियों का गजट जारी किया गया था। तब जनपद में वक्फ की 826 सम्पत्तियां दर्ज थीं। वर्तमान में वक्फ सर्वे आयुक्त कार्यालय में 947 वक्फ की सम्पत्तियां दर्ज हैं। वर्ष 1990 में हुए गजट के बाद जनपद में 121 वक्फ की सम्पत्तियां बढ़ गई। वक्फ कार्डिनेटर मशकूर अली ने बताया कि वर्तमान में सैकड़ों नई सम्पत्तियां हैं, जो वक्फ बोर्ड में दर्ज होने को गई हुई हैं। इसके बाद जनपद की वक्फ सम्पत्तियों में काफी इजाफा हो जाएगा। नई सम्पत्तियां वक्फ कानून वर्ष 2024 के तहत ही दर्ज हो पाएंगी। वहीं वक्फ संख्या 67 को लेकर भ्रम की स्थिति बन गई थी। वक्फ संख्या 67 के अध्यक्ष फैज खान ने बताया कि वक्फ संख्या 67 उम्मीद पोर्टल पर दर्ज हो चुका है। कुछ लोग इस बारे में भ्रामक जानकारी दे रहे, जो गलत है।