सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड पर लगा 25 हजार रुपये का जुर्माना
उत्तर प्रदेश सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड लखनऊ के जनसूचना अधिकारी पर 25,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया है। शमीम अहमद ने 2024 में औरंगाबाद में खसरा नंबर 327 और 331 के बारे में जानकारी मांगी थी, लेकिन बोर्ड ने समय पर सूचना नहीं दी। राज्य सूचना आयोग ने सुनवाई के बाद यह कार्रवाई की है।

मथुरा, औरंगाबाद स्थित भूमि वक्फ की है या नहीं इसे लेकर मांगी सूचना उपलब्ध नहीं कराने पर उत्तर प्रदेश सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड लखनऊ के जनसूचना अधिकारी पर राज्य सूचना आयुक्त ने 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। शमीम अहमद पुत्र स्वर्गीय शब्बीर अहमद निवासी प्राइमरी स्कूल के पीछे जाटव बस्ती औरंगाबाद ने 9 सितंबर 2024 को औरंगाबाद में स्थित खसरा संख्या 327 व 331 को लेकर यूपी सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड से जमीन की स्थिति के बारे में जानकारी मांगी थी। जिसमें उक्त खसरा नम्बर सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड में दर्ज हैं या नहीं, उनका रकबा कितना है आदि।
लम्बे समय तक पत्राचार करने के बाद भी यूपी सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड लखनऊ ने किसी भी प्रकार की सूचना उन्हें उपलब्ध नहीं कराई। इस पर शमीम अहमद ने अधिवक्ता मनीष कुशवाह के माध्यम से राज्य सूचना आयोग में सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड के जन सूचना अधिकारी के खिलाफ वाद दायर किया। जिस पर सुनवाई करते हुए राज्य सूचना आयोग ने सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड के जन सूचना अधिकारी पर 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।अधिवक्ता मनीष कुश्वाह ने बताया कि सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड से जन सूचना अधिकार के तहत औरंगाबाद स्थित दो खसरा नम्बरों को लेकर वर्ष 2024 में बिंदुवार सूचना मांगी गई थी, लेकिन बोर्ड ने तय समय सीमा में जानकारी उपलब्ध नहीं कराई थी। इसके खिलाफ राज्य सूचना आयोग में इसकी शिकायत करते हुए वाद दायर किया था। करीब एक वर्ष तक चली सुनवाई के बाद राज्य सूचना आयोग ने यूपी सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड के जन सूचना अधिकारी पर 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है, जिसकी वसूली उनके वेतन से की जाएगी।
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