गोशाला प्रकरण में 24 घंटे बाद भी रिपोर्ट दर्ज नहीं

Newswrap हिन्दुस्तान, मथुरा
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Mathura News - गोशाला की गई राल शिफ्ट, बीमार गोवंश के स्वास्थ्य में सुधार -गोशाला की गई राल शिफ्ट, बीमार गोवंश के स्वास्थ्य में सुधार -मृत्यु भोज का बचा भोजन करने

गोशाला प्रकरण में 24 घंटे बाद भी रिपोर्ट दर्ज नहीं

मथुरा ब्लाक के गांव भैंसा में प्रधान के मृत्यु भोज के बचे हुए पुआ खाने से सरकारी अस्थाई गोशाला में शनिवार को करीब एक दर्जन गाएं मृत हो गई थी, इस मामले की रिपोर्ट पुलिस ने 24 घंटे बाद भी दोषियों के विरुद्ध नहीं की है, जिससे ग्रामीणों में रोष व्याप्त है। गांव भैंसा के वर्तमान प्रधान जगन्नाथ सिंह का दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया था। उनके निधन के बाद बुधवार 20 मई को मृत्युभोज का आयोजन किया गया, जिसमें चौरासी गांवों के लोगों को आमंत्रित किया गया था। भोज के दो दिन बाद शनिवार को बचा हुआ पुआ गांव से बाहर स्थित गोशाला में गोवंशी को खिलाने के लिए भेज दिया गया।

भीषण गर्मी के कारण भोजन खराब और जहरीला हो चुका था। जैसे ही गोवंशी ने उसे खाया, उनकी हालत बिगड़ने लगी। कुछ ही देर में कई गायें जमीन पर गिरकर तड़पने लगीं। एक दर्जन गायों की मृत्यु हो गई, जबकि दर्जनभर से अधिक गोवंश मरणासन्न हालत में पड़े मिले थे। इस घटना की तहरीर रिफाइनरी थाना पुलिस को शनिवार को ही ग्राम पंचायत सचिव ने प्रधान के परिजनों के विरुद्ध दी थी, लेकिन आज शाम तक पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की है। पशु पालन विभाग की टीम व वेटनरी कॉलेज से पशु चिकित्सकों टीम ने बीमार गायों का उपचार शुरू किया। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. एनके शुक्ला ने बताया कि उपचार के बाद अब गायों की हालत सही है। अब शेष सभी गायों को राल गोशाला में शिफ्ट कर दिया गया है।

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