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हजारों की भीड़ ने दी शहीद विक्रम को अंतिम विदाई

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देश की हिफाजत करते हुए शहीद हुए राष्ट्रीय रायफल 50 के जांबाज जवान विक्रम सिंह का अंतिम संस्कार उनके पैतृक गांव लाड़पुर में राजकीय सम्मान से किया गया। उनकी शहादत जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में आतंकियों से लोहा लेते हुए रविवार को हुई थी। अंतिम संस्कार के दौरान बड़ी संख्या में युवा अपने हाथों में तिरंगा लिए ‘जब तक सूरज चांद रहेगा, विक्रम तेरा नाम रहेगा तथा ‘पाकिस्तान मुर्दाबाद, हिन्दुस्तान जिंदाबाद के नारे लगाते रहे।

मंगलवार शाम को शहीद का तिरंगे में लिपटा पार्थिव शरीर सेना की गाड़ी में छाता के ग्राम लाड़पुर पहुंचा। हजारों ग्रामीण उनकी एक झलक पाने को मौजूद थे। हर कोई शहीद के अंतिम दर्शन करना चाह रहा था। पुलिस व सेना की कड़ी मशक्कत के बाद शहीद के शव को निवास स्थान तक ले जाया गया। घर पर शव के पहुंचते ही परिवार की महिलाएं फूट-फूटकर रो पड़ीं और हरेक की आंखें नम हो गईं।

इसके बाद शव को प्राइमरी स्कूल ले जाया गया। वहां प्रदेश के ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा एवं कैबिनेट मंत्री चौ. लक्ष्मीनारायन चौधरी ने श्रद्धासुमन अर्पित किए। जिलाधिकारी सर्वज्ञराम मिश्र, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रभाकर चौधरी, उपजिलाधिकारी छाता डॉ. राजेन्द्र पैंसिया, पुलिस क्षेत्राधिकारी चंद्रधर गौड़ ने भी शहीद के पार्थिव शरीर पर श्रद्धा सुमन अर्पित किए। यहां पुलिस और सेना ने सलामी दी। इसके बाद श्मशान तक निकली शवयात्रा में हजारों लोग मौजूद रहे।

मासूम बेटे ने दी मुखाग्नि, बिलख उठी भीड़

शहीद विक्रम सिंह के शव को उनके डेढ़ वर्षीय पुत्र वंश ने मुखाग्नि दी। विक्रम के भाई के साथ उनके पिता मासूम वंश को गोद में लिए हुए थे। मुखाग्नि देने के दौरान भीड़ में मौजूद हर शख्स रो उठा। यहां पर सेना ने शस्त्र सलामी दी।

मृतक की अंत्येष्टि के अवसर पर गुर्जर समाज के जिलाध्यक्ष मोहन सिंह, रालोद के जिलाध्यक्ष नरेंद्र सिंह, जिपं सदस्य नरदेव सिंह, सोहनलाल पहलवान, सहजराम, नगर पंचायत छाता अध्यक्ष चंद्रप्रकाश, श्रीमास्टर उझानी, को-ऑपरेटिव बैंक चेयरमैन वीरेंद्र सिंह, चौ. जगपाल सिंह, वीरो बढ़ाना, लवी सिसौदिया, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता उमेश पंडित, ग्राम प्रधान गुलेश सहित बड़ी संख्या में क्षेत्रीय लोग मौजूद थे।

आवश्यकता पड़ी तो फिर होगी सर्जिकल स्ट्राइक: श्रीकांत शर्मा

शहीद के अंतिम संस्कार के मौके पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने कहा कि पाकिस्तान की गुस्ताखी का देश की सेना मुंहतोड़ जबाव दे रही है। आवश्यकता पड़ी, तो पुन: पाकिस्तान में सर्जिकल स्टाइक करने से भारत सरकार नहीं चूकेगी। पाकिस्तान हमारे देश के लिए नासूर बना हुआ है तथा हर बार मुंह की खाने के बाद भी वह अपनी कायराना हरकत से बाज नहीं आ रहा है।

शहीद के परिवार के लिए रखीं मांगें

इस अवसर पर गुर्जर समाज के जिलाध्यक्ष मोहन सिंह द्वारा शहीद सैनिक के परिवार की तरफ से गैस एजेंसी, पेट्रोल पंप अथवा सीएनजी पंप, पत्नी एवं भाई को सरकारी नौकरी, शहीद की मां को पेंशन, ग्राम में डिग्री कॉलेज की स्थापना की मांग की। साथ ही छाता शेरगढ़ रोड का नामकरण शहीद विक्रम सिंह के नाम पर किए जाने के साथ ही 3 एकड़ कृषि भूमि पट्टा दिए जाने की भी मांग की गई, जिस पर मंत्रीद्वय ने यथासम्भव मांगों को पूरा किये जाने का आश्वासन दिया।

आतंकियों के मंसूबे फेल कर दिए विक्रम ने

छाता। शहीद के पार्थिव शरीर के साथ श्रीनगर से आए आर्मी सूबेदार करनसिंह ने उक्त घटना के संबंध में बताया कि शहीद सैनिक घटना के समय काकपोरा, पुलवामा स्थित सैन्य कैंप पर तीन अन्य सैनिकों के साथ सर्विस लाइन ड्यूटी पर था। तभी आतंकवादियों ने अचानक हमला कर दिया, जिसमें एक जेसीओ (सिविलियन) की मौके पर ही मौत हो गयी और सैनिक विक्रम सिंह आतंकवादियों की गोली से घायल हो गया था। विक्रम को घायलावस्था में श्रीनगर के अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसने दम तोड़ दिया। वहीं जवाबी कार्रवाई में एक आतंकवादी को भी कई गोलियां लगीं, लेकिन वह किसी तरह से भाग जाने में सफल रहा। इसके बाद सेना ने सर्च ऑपरेशन भी चलाया।

शहीद के परिजनों को दिए 25 लाख धनराशि का चेक

शहीद विक्रम सिंह को उनके गांव में सेना के अधिकारियों तथा शासन व प्रशासन की ओर से पूरे राजकीय सम्मान के साथ श्रद्धांजलि दी गई। प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ओर से घोषणा के क्रम में ऊर्जामंत्री श्रीकांत शर्मा एवं दुग्ध विकास, संस्कृति, धर्मार्थ कार्य, अल्प संख्यक कल्याण, मुस्लिम वक्फ व हज उप्र शासन लक्ष्मीनारायण चौधरी तथा डीएम सर्वज्ञराम मिश्र ने गांव लाड़पुर पहुंचकर शहीद के पार्थिव शरीर पर पुष्प चक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इसके बाद परिजनों से भेंट कर उन्हें सांत्वना देते हुए शहीद के पिता बलराम को 25 लाख रुपये की सहायता राशि का चेक प्रदान किया। इसमें शहीद सैनिक की पत्नी को 20 लाख रुपये का चेक एवं 5 लाख का चेक शहीद के पिता को प्रदान किया। साथ ही 12 दिन बाद शहीद के परिवार के एक युवक को सरकारी नौकरी के साथ हरसम्भव मदद दिये जाने का भी आश्वासन दिया गया।

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  • Web Title:Thousands of people gave the last farewell to Shaheed Vikram