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28 अक्तूबर, 2020|1:46|IST

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यह न्याय की जीत, बलिदानियों को सच्ची श्रद्धांजलि

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1992 में श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन में सहभागिता करने वाले ब्रज के हिंदूवादी नेताओं ने सीबीआई कोर्ट के फैसले को लेकर खुशी जताई है। सभी लोगों ने इस निर्णय को एक स्वर से सत्य की जीत और आंदोलन में शहीद हुए कारसेवकों को सच्ची श्रद्धांजलि बताया है।

सत्य संकल्प से लड़ी लड़ाई को मिली विजय : साध्वी ऋतंभरा

वृंदावन। बाबरी विध्वंस मामले में सीबीआई कोर्ट से बरी होने के बाद साध्वी ऋतंभरा ने कहा कि आज हम आरोप के कलकों से मुक्त हो गए। 28 साल तक इस संघर्ष को झेला। हम लोग षड्यंत्रकारी तो हैं नहीं, जो आरोप लगे वे द्वेष भावना से लगे। निश्चित रूप से वह सिद्ध नहीं हो सकते थे। क्योंकि वहां कोई षड्यंत्र या साजिश नहीं रची गई। सत्य अपनी प्रखरता के साथ होता है। सूरज को अपना प्रमाण नहीं देना पड़ता, सूरज के अभाव का नाम ही अंधेरा है। अंधेरे की कोई सत्ता नहीं होती झूठ के कोई पैर नहीं होते। सत्य संकल्प के साथ हमने यह लड़ाई लड़ी और आज सत्य की विजय हो गई है।

कांग्रेस की साजिश का पर्दाफाश : साक्षी महाराज

मथुरा। मथुरा से सांसद रहे स्वामी सच्चिदानंद हरि साक्षी महाराज ने कहा कि यह न्यायालय का ऐतिहासिक फैसला है। 28 वर्ष पहले हिन्दूवादी नेताओं के खिलाफ कांग्रेस ने जो साजिश रची थी उसका पर्दाफाश हो गया है। साक्षी महाराज ने कहा कि कांग्रेस कभी भगवा आतंकवाद, कभी अयोध्या मामले में हिन्दूवादी नेताओं को फंसाती रही है। आज न्यायालय ने दूध का दूध पानी का पानी कर दिया है। न्यायालय ने यह भी कहा कि यह कोई पूर्व नियोजित षडयंत्र नहीं था। यह घटना जो घटी वह अचानक थी। जिन लोगों के खिलाफ एफआईआर हुई, उनमें से कोई दोषी नहीं है।

सुरेश बघेल एक मात्र राम भक्त, जिनको मिली सजा

वृंदावन। अयोध्या में विवादित ढांचे को डायनामाइट लगाकर उड़ाने के प्रयास में आरोपी रहे सुरेश बघेल सीबीआई कोर्ट द्वारा बाबरी विध्वंस मामले में सुनाए गए निर्णय से काफी खुश हैं। कहते हैं कि भगवान राम के आशीर्वाद से सब काम सफल होते जा रहे हैं। भले ही कुछ देरी हुई हो। उनकी दिली इच्छा है कि जल्द से जल्द भगवान राम का भव्य मंदिर निर्माण हो जाए। उन्होंने कहा कि वे ही एकमात्र ऐसे राम भक्त हैं जिन्हें फैजाबाद फास्ट ट्रेक कोर्ट द्वारा विस्फोटक अधिनियम के तहत 5 साल की सजा सुनाई थी। वह अपनी सजा को भगवान राम का प्रसाद मानकर ही जीवन यापन कर रहे हैं।

श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन सही था। रामभक्तों ने सही उद्देश्य से काम किया था। न्यायालय के आदेश से उसका प्रमाणीकरण भी हो गया है। उधर, श्रीराम का मंदिर बन रहा है तो इधर श्रीराम ने कृपा कर दी है। जो लोग आंदोलन में शहीद हुए थे, निश्चित रूप से उनकी आत्मा को शांति मिली होगी। धर्म का पथ कंटक भरा होता है। उसके ताप को झेलना बहुत मुश्किल है लेकिन विश्वास था कि जो नहीं किया उसका आरोप सिद्ध नहीं हो सकता। हमने राम जन्मभूमि के लिए संघर्ष किया। आज हमें उसमें सफलता मिली है।

-विजय बहादुर सिंह, बाबरी विध्वंस के आरोप से बरी

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  • Web Title:This is the victory of justice a true tribute to the sacrifice