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न्याय मांग रहे बच्चों को रोकने को पुलिस ने की किलेबंदी

अमर कालोनी में 8 मार्च को डकैती के दौरान डबल मर्डर में अपने माता-पिता को खोने वाले मासूम बच्चों व समाजिक कार्यकर्ताओं को रोकने के लिए पुलिस ने कलक्ट्रेट की घेराबंदी कर ली। अंदर जाने की इजाजत नहीं मिली तो पीड़ितों ने कलक्ट्रेट के बाहर ही धरना-प्रदर्शन और नारेबाजी की। गुरुवार को अपने तय कार्यक्रम के मुताबिक पीड़ित बच्चे राखी, राहुल और दीपा व कई राजनैतिक व सामाजिक संगठनों के सदस्य कलक्ट्रेट पहुंचे। लेकिन उससे पहले ही पुलिस ने कलक्ट्रेट पूरी घेराबंदी कर रखी थी। जब पुलिस ने पीड़ितों को अंदर नहीं जाने दिया तो उन्होंने कलक्ट्रेट गेट पर ही धरना प्रदर्शन किया। इसमें रालोद नेता कुंवर नरेंद्र सिंह ने कहा कि पुलिस अब प्राइवेट कंपनी की तरह काम कर रही है। यदि जल्द ही पुलिस ने घटना का खुलासा नहीं किया तो पीड़ितों के साथ रालोद आंदोलन करेगा। जिलाध्यक्ष रामवीर भरंगर ने कहा कि हत्यारों की गिरफ्तारी न होने से पुलिस से जनता का विश्वास उठता जा रहा है। रवींद्र नरवार ने कहा कि जिले में पुलिस मस्त है और जनता त्रस्त है। जिलाधिकारी कोष से जो अनुदान मिलता था, वह भी नहीं दिया गया है। मनोज चौधरी ने कहा कि हमारी पूरी टीम पीड़ित बच्चों के साथ है। राधा चौधरी ने कहा कि महिलाएं भी पीड़ित परिवार के साथ हैं। सपा व्यापार सभा के जिला उपाध्यक्ष चंद्रमणि अग्रवाल ने कहा कि व्यापारी भी हमारी कार्यकारिणी संगठन पीड़ित बच्चों को हर मदद देने के लिए तैयार है। सिटी मजिस्ट्रेट रामअरज यादव और एसपी सिटी आलोक सिंह ने ज्ञापन लेकर 21 दिन में हत्या व डकैती कांड का खुलासा किए जाने का आश्वासन दिया। धरने में अनु शर्मा, ईशानन चौधरी, सुरेश भगत, उदयवीर मास्टर, हरवीर मलिक, लोकेश शर्मा, पवन गोला, राजेश शर्मा, चुन्ना पंडित, दुर्गेश अग्रवाल, हरीमोहन शुक्ला, अनीता, माया, प्रेमवती, लक्ष्मी, ममता, सुनील चौधरी, विश्वेंद्र सिंह, लल्लू पहलवान, ताराचंद गोस्वामी, अनूप आचार्य और रामवती आदि मौजूद थे।

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  • Web Title:The police blockade of the children seeking justice