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9 जुलाई, 2020|11:28|IST

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अफसरों ने देखे यमुना में गिरते नाले, शासन को भेजेंगे रिपोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट के निर्देश पर यमुना में गिर रहे नालों समेत यमुना से जुड़े अन्य कार्यों का रविवार को निरीक्षण किया गया। इस दौरान डीएम, विप्रा उपाध्यक्ष, नगरायुक्त और आरओ प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के साथ ही सिंचाई व जल निगम के अधिकारियों ने नाव में बैठकर यमुना घाटों की स्थिति देखी। 10 स्थानों से यमुना जल के नमूने भी लिए गए। इसकी रिपोर्ट सोमवार को शासन को भेजी जाएगी।

मधुमंगल शुक्ला की जनहित याचिका पर सुनवाई करते इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उप्र शासन से पूछा था कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद भी यमुना में नाले कैसे गिर रहे हैं। इलाहाबाद उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति अरूण टंडन और न्यायमूर्ति राजीव जोशी की बैंच ने मथुरा, वृंदावन में यमुना में सीधे गिर रहे नालों पर नाराजगी जताई गई थी। मुख्य सचिव से हलफनामे के साथ यमुना प्रदूषण पर एक नवंबर को जवाब दाखिल करने को कहा गया था। इसी को लेकर रविवार को प्रशासन ने यमुना की वास्तविक स्थिति परखी।

रविवार को जिलाधिकारी अरविंद मलप्पा बंगारी के नेतृत्व में एमवीडीए उपाध्यक्ष यशु रुस्तगी, नगर निगम के आयुक्त डॉ.उज्ज्वल कुमार, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी डॉ.अरविंद कुमार समेत जल निगम, सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने मथुरा से वृंदावन में पड़ने वाले सभी एसटीपी, नालों और यमुना की स्थिति देखी। इस दौरान मथुरा और वृंदावन की यमुना से करीब 10 यमुना जल के नमूने भी लिए गए।

इनसेट-

नमामि गंगे में अटके पड़े हैं कार्य

मथुरा-वृंदावन के यमुना घाटों के लिए तैयार की गई नमामि गंगे योजना अपने उद्घाटन के बाद से अभी तक ज्यादा आगे नहीं बढ़ सकी है। करीब 19 करोड़ रुपये की लागत वाली नमामि गंगे योजना में केवल ड्रेजिंग मशीन से ही सफाई कराई गई है। इससे यमुना जल की सतह की गंदगी काफी हद तक रोकी गई। लेकिन यमुना घाटों को लेकर अभी तक एक काम भी नहीं हो सका है।

यमुना की वर्तमान स्थिति और इससे जुड़े सभी प्रोजेक्ट का सर्वे व समीक्षा की गई है। सोमवार को इस संबंध में शासन को रिपोर्ट भेजी जाएगी।

- अरविंद मलप्पा बंगारी, जिलाधिकारी।

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  • Web Title:The officers will see the falling nallas in Yamuna, report send to government