DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

दिव्यांग पेंशन घोटाले में बीडीओ समेत कई फंसे,रिपोर्ट

गोवर्धन की ग्राम पंचायत बछगांव में पिछले कई वर्षों से तीन अपात्रों को दिव्यांग पेंशन अधिकारियों की मिलीभगत से दिलाई जा रही थी। इसकी शिकायत मुख्यमंत्री की गई तो विभागीय जांच में पेंशन धारकों के पात्र होने का प्रमाण मांगा तो एक भी प्रमाण नहीं दे सके। मामला कोर्ट में पहुंच गया। कोर्ट के आदेश पर खंड विकास अधिकारी गोवर्धन, ग्राम प्रधान, ग्राम पंचायत अधिकारी व स्थानीय सिंडीकेट बैंक के शाखा प्रबंधक के खिलाफ थाना मगोर्रा में मुकदमा दर्ज कराया गया है।थाना मगोर्रा के गांव बछगांव में दो वर्ष पूर्व हुई महाराज सिंह की मौत हो गई थी, दस वर्ष पहले से कमलेश गांव में नहीं रहती और पंद्रह वर्ष पूर्व लक्ष्मी की शादी हो गई थी, लेकिन फिर भी मृतक को जिंदा और दोनों महिलाओं को गांव की निवासी दिखाकर ग्राम प्रधान महेंद्र प्रताप सिंह, ग्राम विकास अधिकारी विशन सिंह, खंड विकास अधिकारी गौरवेंद्र सिंह व स्थानीय सिंडीकेट बैंक के शाखा प्रबंधक इनके खातों से फर्जी हस्ताक्षर व अंगूठा लगाकर पेंशन को निकालते रहे। इस मामले को लेकर जनता अगेंस्ट करप्शन संगठन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष माधव सिंह ने मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत की। शिकायत पर समाज कल्याण विभाग ने जांच टीम गठित कर दी। जांच में तीनों ही पेंशन धारक अपात्र पाये गये, लेकिन विभाग ने इनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की। मामले को दबाने के प्रयास करने पर माधव सिंह ने कोर्ट की शरण ली। कोर्ट के आदेश पर थाना मगोर्रा में प्रधान महेंद्र प्रताप सिंह उर्फ गुड्डू, सेकेट्ररी विशन सिंह, बीडीओ गोरवेंद्र सिंह और बैंक प्रबंधक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। माधव सिंह ने बताया कि अधिकारियों की मिलीभगत से ग्राम प्रधान ने इन तीनों अपात्रों को पात्र बताकर पेंशन लेते रहे। इससे सरकार को लाखों रुपये राजस्व का चूना लगा दिया गया। इस बारे में थानाध्यक्ष जगदम्बा सिंह का कहना है कि कोर्ट के आदेश पर मुकदमा दर्ज हुआ है। मामले में जांच के बाद कानूनी कार्रवाई की जायेगी।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:Several stranded reports including BDO in the Divyang pension scam