Hindi NewsUttar-pradesh NewsMathura NewsRevival of Ancient Offering Tradition at Thakur Banke Bihari Temple Urged by Priest
बांके बिहारी मंदिर में भोग भंडार की परम्परा बहाल हो

बांके बिहारी मंदिर में भोग भंडार की परम्परा बहाल हो

संक्षेप:

Mathura News - मंदिर सेवायत ने उठाई मांग-मंदिर सेवायत ने उठाई मांग वृंदावन, हिन्दुस्तान संवाद ठाकुर बांके बिहारी मंदिर में पिछले दो-ढाई दशकों से बंद पड़ी भोग भंडार

Sep 15, 2025 02:57 am ISTNewswrap हिन्दुस्तान, मथुरा
share Share
Follow Us on

ठाकुर बांके बिहारी मंदिर में पिछले दो-ढाई दशकों से बंद पड़ी भोग भंडार की प्राचीन परम्परा अति शीघ्र बहाल कराई जाए, ताकि आराध्य प्रभु को पूर्व की भांति शुद्ध-पवित्र अमनिया पदार्थों का भोग अर्पित हो सके। रविवार को मंदिर सेवायत आचार्य प्रहलादबल्लभ गोस्वामी ने कहा कि मंदिर के निजी भोग भंडार में निर्मित भगवान के प्रसाद रूप में उत्तम किस्म की दिव्य सामिग्री प्राप्त कर भक्तजन भी धन्य हो उठेंगे। विश्वास है मौजूदा हाई पावर्ड टैम्पल मैनेजमेंट कमेटी इस समयोचित आवश्यकता पर निश्चित ही ध्यान देगी। उनके अनुसार बीते करीब बीस वर्ष पूर्व तक मंदिर के तीन नंबर गेट के निकट संचालित होते रहे मंदिर के भोग भंडार में शुद्ध देशी घी से निर्मित दैनिक पारस, पक्की रसोई-पकवान, सोहन हलुआ, बालूशाही, मठरी, विभिन्न तरह के लड्डू, राधा अष्टमी पर विशेष चाव चबैनी, शरद पूर्णिमा पर चंद्रकला, बिहारी पंचमी पर बादाम-मूंगदाल-सूजी के मोहन भोग-हलुआ एवं खोआ के लड्डू-पेड़ा, कुलैया, खीर सागर इत्यादि अमनिया सामिग्री तैयार की जाती थी।

प्यार से लेकर प्रमोशन तक 2026 का पूरा हाल जानें ✨अभी पढ़ें

मंदिर प्रांगण में कई पर्चीकट घर (केबिन) बने हुए थे, जहां पर्ची कटाकर कोई भी सेवायत और आमभक्त आराध्य की भोग लगी हुई प्रसाद सामिग्री अत्यंत सहजता से प्राप्त कर लेते थे। उन्होंने बताया कि भोग भंडार संचालन होने तक बिहारीजी महाराज सिर्फ अपने भोग भंडार में बनी सामिग्री का ही भोग लगाते थे, बाहर के पदार्थों का नहीं। परन्तु बीते लम्बे समय से भोग भंडार बंद पड़ा है, जिसके चलते आराध्य ठाकुरजी के दर्शनार्थ आने वाले असंख्य भक्तों को बाजार में बने पदार्थों का भोग लगाकर अपने घर ले जाना पड़ता है। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट से उच्चाधिकार प्राप्त कमेटी से मांग कि है कि भगवान व भक्त हितकारी इस सुझाव पर गौर अवश्य किया जाए।