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राधारानी के जन्मोत्सव से पूर्व पांच व बाद में तीन सखियां लेंगी जन्म

कृष्ण की आल्हादिनी शक्ति के जन्मोत्सव पर राधा-कृष्ण चालीस लाख से अधिक कीमत का शृंगार धारण करेंगे। लाखों भक्त दर्शन कर अपने आप को धन्य करेंगे।

17 सितंबर को राधारानी जन्मोत्सव की पूर्व संध्या से लेकर स्वर्ण जड़ित शीश महल में विराजमान होकर अपने भक्तों पर कृपा का सागर बरसाएंगी। इस दौरान सेवायत राधा-कृष्ण के विग्रह को कीमती पोशाक के साथ रत्न जाड़ित सोने के मुकुट, राधारानी की चंद्रिका बंशी, आधा दर्जन हार, लकुटी, मोर पंख, सिर पेच, टिपार, क्रपेच, कानों के कुंडल कटार, कुंडल, नथ, वैणीचैटी, पाजेब धारण कराया जाएगा। इनकी अनुमानित कीमत लगभग 40 लाख रुपये है। इसी शृंगार में राधा रानी अपने भक्तों पर दोपहर तक कृपा का सागर बरसाएंगी। भक्त अपनी आराध्या को जन्म बधाई देने को आएंगे। सायं राधारानी की शोभायात्रा मंदिर परिसर में निकाली जाएगी।

राधारानी के जन्मोत्सव से पूर्व पांच व बाद में तीन सखियां लेंगी जन्म

बरसाना। कृष्ण प्रिया राजराजेश्वरी के अवतरण होने से पूर्व ब्रजमंडल में पांच सखी पहले व बाद में तीन सखियों का जन्म बरसाना के आसपास के गांवों में होगा। उनके जन्मोत्सव की तैयारी ग्रामीणों ने शुरू कर दी हैं।

मान्यता के अनुसार श्रीजी ने ब्रज भूमि में अकेले ही जन्म नहीं लिया था, उनकी सहचरी के रूप में आठ सखियों का जन्म हुआ। जिनमें पहली सखी सुदेवी का सुनहरा राजस्थान में जन्म हुआ। दूसरी सखी चित्रलेखा ने चिकसौली में जन्म लिया। तीसरी सखी तुंगदेवी ने कमई गांव में जन्म लिया। चौथी सखी ललिता जी ने ऊंचागांव में जन्म लिया था। पांचवी सखी चंपक लता ने करहला गांव में जन्म लिया। अष्टमी को राधा जन्म के बाद तीन सखियों ने जन्म लिया था। इनमें छठी सखी विशाखा ने आजनौख में और सातवीं सखी इंदुलेखा ने रांकौली में जन्म लिया था। आठवीं सखी रंग देवी ने डभारा गांव में जन्म लिया था।

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  • Web Title:Radha-Krishna will make 40 lakhs of makeup