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मथुरा

ढकेल-खोचमे वालों का नहीं हो सकेगा उत्पीड़न

हिन्दुस्तान टीम,मथुराPublished By: Newswrap
Fri, 18 Jun 2021 08:30 PM
ढकेल-खोचमे वालों का नहीं हो सकेगा उत्पीड़न

शहर में पथ विक्रेताओं (ढकेल-खोमचे) वालों को अब नगर निगम के कर्मचारी या पुलिसकर्मी प्रताड़ित करके नहीं भगा सकेंगे। इसके लिए उत्तर प्रदेश के नगर विकास अनुभाग के अपर मुख्य सचिव डा. रजनीश दुबे ने कड़े निर्देश जारी किए हैं। इसके लिए पथ विक्रेताओं को सर्वे करते हुए उनकी सूची पुलिस एवं स्थानीय निकायों को उपलब्ध कराई जाएगी। इस आशय के आदेश जिला नगरीय विकास अभिकरण डूडा को भी प्राप्त हो गए हैं।

बताते चलें कि जनपद में पीएम स्व निधि योजना के अंतर्गत दस हजार से अधिक पथ विक्रेताओं को दस-दस हजार रुपये के ऋण प्रदान किए जा चुके हैं। तमाम पथ विक्रेताओं को अभी इस निधि लाभ और दिया जाना है। पथ विक्रेताओं को दस हजार रुपये का यह ऋण चुकता करना है, लेकिन उनके सामने समस्या यह आ रही है कि वे अपने ढकेल-खोमचे को कहां लगाएं? कैसे बिक्री करें। कहीं पुलिस उनको खड़ा नहीं होने देती तो कहीं नगर निगम के कर्मचारी उनको प्रताड़ित करते रहते हैं। अधिकांश स्थानों पर दुकानदार उनको खड़ा नहीं होने देते। इसके चलते वे स्व निधि की धनराशि वापस नहीं कर पा रहे हैं। इस समस्या को देखते हुए नगर विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव डा. रजनीश दुबे ने मथुरा समेत समस्त जिलाधिकारियों व नगरीय विकास अभिकरण व नगर निगम को आदेश जारी किए हैं। आदेश में कहा गया है कि पथ विक्रेताओं को किसी भी तरह प्रताड़ित न किया जाए। अपर मुख्य सचिव ने इसे पथ विक्रय 2014 व उत्तर प्रदेश पथ विक्रय (जीविका संरक्षण एवं विनियमन) नियमावली 2017 का उल्लंघन माना है।

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