Hindi NewsUttar-pradesh NewsMathura NewsPolice Arrest Fugitive Suspects In Alcohol Shop Closure Case Court Denies Bail
शराब के ठेके पर हंगामा करने वालों को नहीं मिली बेल, कोर्ट ने भेजा जेल

शराब के ठेके पर हंगामा करने वालों को नहीं मिली बेल, कोर्ट ने भेजा जेल

संक्षेप:

Mathura News - वृंदावन कोतवाली पुलिस ने शराब ठेकों को जबरन बंद कराने के मामले में फरार चल रहे पांच अभियुक्तों को गिरफ्तार किया। अदालत ने उनकी जमानत याचिका खारिज करते हुए सभी को 9 दिसंबर तक न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। मुख्य अभियुक्तों में दक्ष चौधरी, अभिषेक ठाकुर, युधिष्ठिर, अमित कुमार, और दुर्योधन शामिल हैं।

Tue, 25 Nov 2025 07:44 PMNewswrap हिन्दुस्तान, मथुरा
share Share
Follow Us on

शराब ठेकों को जबरन बंद कराने के मामले में फरार चल रहे अभियुक्तों को वृंदावन कोतवाली पुलिस ने मंगलवार को सीजेएम की अदालत में पेश किया। अदालत ने उनकी याचिका खारिज करते हुए सभी को 9 दिसंबर तक न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। विदित हो कि बागेश्वर धाम पीठाधीश्वर धीरेन्द्रकृष्ण शास्त्री के आह्वान के बाद कुछ युवकों ने उपद्रव मचाते हुए कुछ देर के लिये तीन शराब ठेकों को जबरन बंद करा दिया था। सेल्समेन जितेंद्र की तहरीर पर दर्ज हुए मुकदमे के बाद पुलिस ने शिब्बो और कपिल को गिरफ़्तार किया, लेकिन घटना में शामिल अन्य अभियुक्त फरार चल रहे थे।

LiveHindustan को अपना पसंदीदा Google न्यूज़ सोर्स बनाएं – यहां क्लिक करें।

पुलिस इनके पीछे लगी थी। सोमवार को पुलिस ने घटना में शामिल मुख्य अभियुक्त दक्ष चौधरी उर्फ दीपक वर्मा पुत्र राधेश्याम निवासी जी-86/1, गली नम्बर-3, शास्त्री पार्क, थाना उस्मानपुर, पूर्वी दिल्ली, अभिषेक ठाकुर पुत्र विजय बहादुर सिंह निवासी ए-479 गामड़ी चौथा पुस्ता, थाना उस्मानपुर, पूर्वी दिल्ली मूल निवासी ग्राम कुम्भी, थाना शिवगढ़, जिला रायबरेली के साथ युधिष्ठिर पुत्र भागीरथ सिंह निवासी सिवाया, थाना धौलाना, जिला हापुड़, अमित कुमार पुत्र रामकिशोर निवासी फ्लैट नम्बर 102, नीलगिरी अपार्टमेन्ट, द्वारिका मोड़, थाना मोहनगण, जिला पश्चिमी दिल्ली और दुर्योधन उर्फ विशाल सिसौदिया पुत्र सन्तोष कुमार निवासी ग्राम दादोपुर खटाना, थाना जारचा, जिला गौतमबुद्ध नगर को सुनरख रोड देशी शराब के ठेका के सामने खाली ग्राउण्ड से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने सभी को मंगलवार को सीजेएम की अदालत में पेश किया। आरोपियों के अधिवक्ता ने उनकी जमानत के लिए अदालत में याचिका दाखिल की। अदालत ने सभी पांच आरोपियों की जमानत याचिका को खारिज करते हुए उन्हें 9 दिसंबर तक न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।