Hindi NewsUttar-pradesh NewsMathura NewsOrganized Cyber Fraud Minister s Son-in-Law Involved in 20 Crore Scam
इसे लाइव पर न लगायें : 20 करोड़ की साइबर ठगी का मामला : अभी भी नामजद आरोपी समेत अन्य पकड़ से दूर

इसे लाइव पर न लगायें : 20 करोड़ की साइबर ठगी का मामला : अभी भी नामजद आरोपी समेत अन्य पकड़ से दूर

संक्षेप:

Mathura News - ऑनलाइन शिकायत होने के बाद हरकत में आयी थी साइबर पुलिसइसे लाइव पर न लगायें : 20 करोड़ की साइबर ठगी का मामला : अभी भी नामजद आरोपी समेत अन्य पकड़ से दूर

Nov 25, 2025 12:24 am ISTNewswrap हिन्दुस्तान, मथुरा
share Share
Follow Us on

गौ सेवा ट्रस्ट बनाकर की संगठित गिरोह बनाकर फर्जी तरीके से 20 करोड़ से अधिक रुपये की ऑनलाइन ठगी करने के मामले में नामजद वांछित आरोपी मंत्री के बेटे के साले के अलावा प्रकाश में आये अन्य कई आरोपी पुलिस की पकड़ से दूर हैं। अभी तक पुलिस तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भिजवा चुकी है लेकिन रिपोर्ट में नामजद मंत्री के बेटे के साले तक पुलिस के हाथ नहीं पहुंच सके हैं। बताते चलें कि 13 सितंबर को सदर बाजार के अंतर्गत शिव गौरा गौ सेवा ट्रस्ट बना कर एसबीआई बैंक शाखा में खाते खोले थे। इसके बाद से इन खातों में देश के विभिन्न प्रांतों से खातों से 20 करोड़ से अधिक रकम का ट्रांजेक्शन होने लगा था।

प्यार से लेकर प्रमोशन तक 2026 का पूरा हाल जानें ✨अभी पढ़ें

इस मामले में साइबर ठगी का शिकार होने वाले पीड़ितों ने साइबर अपराध हैल्पलाइन नम्बर पर शिकायतें कीं। इसकी ऑनलाइन शिकायतें मथुरा पुलिस को भी मिलीं थी। इसकी जानकारी होने पर मथुरा साइबर टीम ने बैंक जाकर जांच कर खाते खंगाले तो इनमें कई खातों से सप्ताह भर में करीब 20 करोड़ से अधिक का ट्रांजेक्शन होना पाया था। एसएसपी श्लोक कुमार के निर्देश के बाद हरकत में आयी साइबर पुलिस टीम ने खाता धारकों के नाम, मोबाइल नम्बर आदि के माध्यम से पहचान की। इसमें शिवम, गोविंद और गौतम के नाम से मिले संयुक्त खाते पाये गये। पुलिस के अनुसार तभी से पुलिस इनकी तलाश में जुट गयी। 13 नवंबर की रात करीब पौने 12 बजे बरेली-जयपुर हाइवे के समीप से गौतम उपाध्याय और बलदेव को गिरफ्तार किया था। इनके कब्जे से आधार कार्ड आदि बरमाद किये। बाद में जांच की तो पाया के साइबर शातिरों ने संगठित नेटवर्क संचालित कर मध्यप्रदेश, तमिलनाड़ु, उडीसा, दिल्ली, बिहार आदि प्रांतों से रकम निकाली है। पुलिस के अनुसार पूछताछ के दौरान पकड़े गये युवकों ने बताया कि कैबिनेट मंत्री के बेटे के साले अभिषेक चौधरी ने बैंक में खाता खुलवाया था। साइबर पुलिस ने खाते से हुई 20 करोड़ से अधिक रुपये की ठगी के मामले में जांच की तो इसमें कई अन्य के नाम प्रकाश में आये। दो माह से अधिक समय व्यतीत होने के बाद भी पुलिस नामजद अभिषेक के अलावा प्रकाश में आये तीन-चार अन्य को नहीं पकड़ सकी है। प्रभारी निरीक्षक साइबर थाना रफत मजीद ने बताया कि अभिषेक के अलावा प्रकाश में आये कुछ अन्य की पुलिस टीमें तलाश कर रही हैं। जो भी साइबर ठगी में प्रकाश में आये हैं, कोई बच नहीं पायेगा। सभी को गिरफ्तार किया जायेगा।