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धर्म की अस्मिता के लिए गोसंवर्धन की आवश्यकता

महंत शुकदेवदास महाराज ने कहा कि गो संरक्षण एवं गोसंवर्धन की अवश्यकता है, ताकि हमारे धर्म की अस्मिता सुरक्षित बनी रहे। गोपालन संस्कृति न सिर्फ ब्रज, बल्कि देशभर में अपनानी होगी।

यह विचार उन्होंने रमणरेती क्षेत्र स्थित भागवत निवास में संत, विद्वत सम्मेलन में व्यक्त किए। केंद्रीय मंत्री महेश शर्मा के अनुज नरेश शर्मा ने कहा कि धर्म का अर्थ समाज को तोड़ना नहीं जोड़ना है। इसलिए सभी देशवासियों से एकजुट होकर गोरक्षा करनी चाहिए। सनातन संस्कार सेवा संस्थान के अध्यक्ष आचार्य रामविलास चतुर्वेदी एवं आचार्य बद्रीश ने कहा कि यमुना का प्रदूषण दूर कर उसे पूर्व की भांति स्वच्छ एवं अविरल धारा के रूप में संरक्षित किया जाए। नगर के नाले यमुना में गिरने वाले नालों को शीघ्र रोका जाना चाहिए।

ये उपस्थित रहे

इस अवसर पर पं. बिहारीलाल वशिष्ठ, डॉ. गोपाल चतुर्वेदी, महंत वनमाली दास, प्रदीप गोस्वामी, विनय गोस्वामी, सत्यभान शर्मा, आलोक बंसल, मदनगोपाल बनर्जी, सौरभ गौड़, भगवान दास, रविकांत गौतम, बाबा कृपानिधि दास, इंद्र नीलमणि दास, राजेंद्र उपाध्याय, रोहित शास्त्री, गुलशन शास्त्री, शंकर त्रिवेदी आदि उपस्थित थे।

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  • Web Title:Need for mobilization for religion's identity