पानी आने से रुका आगरा नहर का 30 फीसदी पुनरोद्धार कार्य
Mathura News - जिले की अपर आगरा नहर का 70 प्रतिशत पुनरोद्धार कार्य पूरा हो गया है। 30 प्रतिशत कार्य नहर बंदी के दौरान होगा। यह नहर हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और राजस्थान की 1.5 लाख हेक्टेयर कृषि भूमि की सिंचाई का प्रमुख साधन है। पुनरोद्धार से जलवहन क्षमता 2500 क्यूसेक से बढ़कर 4000 क्यूसेक होगी।

जिले की प्रमुख सिंचाई परियोजना अपर आगरा नहर का करीब 70 प्रतिशत पुनरोद्धार कार्य पूरा हो गया है। अब नहर में पानी आ जाने से कार्य रोक दिया है। शेष 30 प्रतिशत कार्य आगामी नहर बंदी के दौरान कराया जाएगा। आगरा नहर के अपर खंड द्वारा करीब 25 करोड़ रुपए से मुख्य नहर की सफाई, गाद निकासी, पटरियों के सुदृढ़ीकरण और कुलावों के पुनर्निर्माण आदि का कार्य कराया जा रहा है। वहीं शुरुआती पांच किमी हिस्से का पुनरोद्धार ओखला खंड द्वारा करीब पांच करोड़ रुपये से किया जा रहा है। परियोजना के तहत पॉकलेन मशीनों और एक्स्केवेटर से नहर की सफाई एवं किनारों का समतलीकरण कराया जा रहा है।करीब
160 किमी लंबी यह नहर हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और राजस्थान की लगभग 1.5 लाख हेक्टेयर कृषि भूमि की सिंचाई का प्रमुख साधन है। पुनरोद्धार के बाद नहर की जलवहन क्षमता 2500 क्यूसेक से बढ़कर करीब 4000 क्यूसेक हो जाएगी, जिससे गेहूं, सरसों, आलू और सब्जियों की खेती को लाभ मिलेगा तथा भूजल पर निर्भरता कम होगी। वर्ष 1874 में शुरू हुई यह ऐतिहासिक नहर वर्षों से गाद जमाव और कटाव की समस्या से जूझ रही थी। परियोजना को मानसून से पहले पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। अपर खंड आगरा नहर के एक्सईएन नवीन कुमार ने बताया कि पुनरोद्धार कार्य तेजी से कराया जा रहा है और शेष कार्य आगामी नहर बंदी में पूरा कर लिया जाएगा।
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