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शाबाश..हरिकेश ने बढ़ाया पिता का मान

हौंसले यदि बुलंद हों तो विपरीत परिस्थितियों में भी इंसान अपने बड़े से बड़े सपने को पूरा कर सकता है। एसएसपी मथुरा के चालक मान सिंह के होनहार पुत्र हरिकेश सिंह ने ऐसा ही कर दिखाया है। उनकी यह उड़ान हर किसी के लिए प्रेरणा बनी हुई है। हरिकेश ने मंगलवार को घोषित सिविल सर्विसेज परीक्षा में 336वीं रैंक हासिल की है। समाज में कुछ कर गुजरने का जज्बा ही उनकी सफलता यह सबसे बड़ा सूत्र बना। इस सफलता से भरतपुर, राजस्थान स्थित उनका मूल गांव मौरोली तो गर्व से सिर ऊंचा कर ही रहा है, ताज नगरी आगरा भी प्रफुल्लित है। वर्तमान में उनका परिवार आगरा की चाणक्यपुरी में रह रहा है। इधर, कृष्णनगरी मथुरा इसलिए इस सफलता पर खुद को गौरवान्वित महसूस कर रही है, क्योंकि हरिकेश के पिता मान सिंह यहां के पुलिस कप्तान विनोद कुमार मिश्र के ड्राइवर हैं। पुत्र की सफलता पर प्रफुल्लित मान सिंह ने बताया कि उनका बेटा शुरू से ही होनहार रहा है। उसने आगरा के एयरफोर्स कॉलेज से हाईस्कूल और इंटरमीडिएट भी बेहतरीन अंकों से पास किया था। भोपाल एनआईटी से बीटेक किया। दो साल तक एक निजी दूरभाष कंपनी में नोएडा में काम भी किया। मान सिंह के मुताबिक बेटे की प्रतिभा को देखते हुए उन्होंने अपने पिता से यह तक कह दिया था कि चाहे जमीन ही क्यों न बेचनी पड़े, वह बेटे को उसकी मंजिल तक पहुंचाएंगे। छोटे भाई ने भी इस काम में सहयोग किया। मान सिंह ने बताया कि उनको ही नहीं पूरे परिवार को हरिकेश की सफलता पर गौरव है। उनका दूसरे पुत्र लोकेश भी सिविल सर्विसेज की तैयारी कर रहा है, जबकि बेटी नीरज दिल्ली में रिसर्च स्कॉलर है। उनको यकीन था कि एक दिन हरिकेश जरूर अपनी मंजिल हासिल करेगा। अब्दुल कलाम की तरह चाहता हूं पहचान सिविल सर्विसेज परीक्षा में 336वीं रैंक हासिल करने के बाद फोन पर हिन्दुस्तान से बातचीत में 25 वर्षीय हरिकेश ने अपनी सफलता का श्रेय अपने परिवार के प्रत्येक सदस्य के सहयोग को दिया। उन्होंने कहा कि सिविल सर्विसेज परीक्षा में उनका विषय फिलोस्पी रहा। उनका कहना है कि वे शुरू से ही आईएएस बनना चाहते थे, जिससे समाज के लिए कुछ करने का जज्बा है। हरिकेश बताते हैं कि यूं तो हर किसी की काम करने की अपनी अलग शैली होती है, लेकिन काम एक पहचान बन जाए तब खुद से संतुष्ट होना चाहिए। पूर्व राष्ट्रपति अब्दुल कलाम का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि उन्होंने जिस तरह अपने काम से अलग पहचान बनाई, कुछ उसी तरह वे भी अपने काम से समाज में कुछ कर दिखाना चाहते हैं। यही उनका संकल्प है और इसी के बूते पर आज वह सफलता के इस मुकाम पर पहुंच सके हैं। एसएसपी ने किया सम्मान, मिठाई बंटवाई एसएसपी विनोद मिश्र ने सिविल सविसेज में हरिकेश की सफलता पर उनके पिता व अपने चालक मान सिंह का गुरुवार को अपने दफ्तर में सम्मान किया। उन्होंने मान सिंह को माला पहनाते हुए कहा कि प्रत्येक बच्चे की सफलता के पीछे परिवार का सहयोग सर्वोपरि है। मान सिंह ने जो संस्कार अपने पुत्र को दिए हैं, निश्चित रूप से उसका लाभ समाज को आने वाले समय में मिलेगा। उन्होंने मान सिंह से अन्य लोगों को भी प्रेरणा लेने को कहा। इस मौके पर एसएसपी दफ्तर में मिष्ठान्न वितरित कराया गया।

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