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मथुरा में आग से सुरक्षा मानकों की जांच की जाएगी। हाल ही में लखनऊ में आग लगने की घटना के बाद, अग्निशमन विभाग ने सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए कोचिंग सेंटरों की जांच का अभियान शुरू करने का निर्णय लिया है। यह जांच मंगलवार से शुरू होगी और मानकों के पालन को सुनिश्चित किया जाएगा।

मथुरा,मथुरा में संकरे रास्तों और सुरक्षा मानकों के विपरीत तमाम कोचिंग सेंटर चल रहे हैं। लखनऊ में आज हुए भीषण अग्निकांड के बाद मथुरा का अग्निशमन विभाग भी अलर्ट मोड में आ गया है। विद्यार्थियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए जिले में संचालित कोचिंग सेंटरों और शैक्षणिक संस्थानों की जांच के लिए विशेष अभियान मंगलवार (आज) से शुरू किया जाएगा। इसके लिए टीमों का गठन किया जाएगा। टीमें विभिन्न क्षेत्रों में स्थित कोचिंग सेंटरों का निरीक्षण कर अग्नि सुरक्षा मानकों की स्थिति का आकलन करेंगी। दमकल विभाग से जुड़े सूत्रों का कहना है कि जांच के दौरान यह देखा जाएगा कि संस्थानों में अग्निशमन यंत्र उपलब्ध हैं या नहीं, आपातकालीन निकास द्वार (इमरजेंसी एग्जिट) की व्यवस्था है या नहीं, विद्युत वायरिंग सुरक्षित है या नहीं तथा भवन में आग लगने की स्थिति में बचाव के लिए आवश्यक संसाधन मौजूद हैं या नहीं। जिन संस्थानों को पूर्व में अग्नि सुरक्षा संबंधी कमियों को लेकर नोटिस जारी किए गए थे, उनसे अनुपालन रिपोर्ट भी मांगी जाएगी。
शहर में पंजीकृत कोचिंग सेंटरों की संख्या
शहर में पंजीकृत कोचिंग सेंटरों की संख्या 81 है, जिनमें बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं कोचिंग करने पहुंचते हैं। ऐसे में किसी भी प्रकार की लापरवाही गंभीर दुर्घटना का कारण बन सकती है। इसी को ध्यान में रखते हुए अग्निशमन विभाग सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित कराने के लिए विशेष सतर्कता बरत रहा है। जांच के दौरान यदि किसी संस्थान में अग्नि सुरक्षा नियमों की अनदेखी पाई जाती है तो कोचिंग संचालकों को आवश्यक निर्देश दिए जाएंगे। गंभीर कमियां मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई भी अमल लाई जाएगी। सबसे ज्यादा कोचिंग सेंटर भूतेश्वर से स्टेट बैंक चौराहे के बीच हैं। इनमें भी बीएसए इंजीनियरिंग कालेज पर तो बेहद संकरी जगह पर बिना किसी सुरक्षा मानक है सेंटरों का संचालन किया जा रहा है। अधिकांश सेंटरों पर सिर्फ एक एंट्री गेट है, एक्जिट के लिए कोई अतिरिक्त गेट नहीं है।
मानकों के अनुरूप की जाएगी कार्रवाई
कोचिंग सेंटर संचालन के लिए मानक तय किए गए है। मुख्य अग्निशमन अधिकारी अरुण कुमार सिंह ने बताया कि जो कोचिंग सेंटर 500 वर्ग मीटर कवर एरिया या 15 मीटर से अधिक ऊंचाई में संचालित होते हैं उनकी चेकिंग अग्निशमन विभाग की टीम द्वारा की जाएगी। इसके अलावा एक या दो कमरों में संचालित होने वाले कोचिंग सेंटरों की चेकिंग जिलाधिकारी द्वारा मिले निर्देशों के तहत की जाएगी। सीएफओ ने बताया कि मंगलवार (आज) से कोचिंग सेंटरों की चेकिंग के लिए अभियान चलाया जाएगा।
कोचिंग संस्थानों का सुरक्षा ऑडिट जरूरी
शिक्षाविद् एवं समाजसेवी डॉ. सोनिका शर्मा ने कहा कि अभिभावकों के पास समय के अभाव, बढ़ती प्रतिस्पर्धा और सामाजिक दबाव के कारण बच्चों को आवश्यकता न होने पर भी कोचिंग भेजने की प्रवृत्ति बढ़ रही है। कई स्थानों पर आवासीय भवनों, संकरी गलियों और बिना पर्याप्त सुरक्षा मानकों वाले परिसरों में अवैध रूप से कोचिंग सेंटर संचालित किए जा रहे हैं, जहाँ एक साथ बड़ी संख्या में विद्यार्थी अध्ययन करते हैं। उन्होंने शासन एवं प्रशासन से मांग की कि सभी कोचिंग संस्थानों का नियमित सुरक्षा ऑडिट कराया जाए, अग्नि सुरक्षा मानकों का कठोरता से पालन सुनिश्चित किया जाए एवं अवैध रूप से संचालित कोचिंग सेंटरों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई की जाए।


