खराब मक्का बीज की शिकायत पर डीएम का एक्शन, खेतों में कराई जांच
मथुरा में खराब मक्का बीज प्रकरण पर भारतीय किसान यूनियन ने डीएम से मुलाकात की। निरीक्षण में पाया गया कि एक ही किसान के अलग-अलग खेतों में विभिन्न बीजों से फसल में भारी अंतर है। किसान उचित मुआवजे और कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। जांच जारी है।

मथुरा। खराब मक्का बीज प्रकरण को लेकर भारतीय किसान यूनियन अराजनैतिक के मंडल अध्यक्ष राजकुमार तोमर के नेतृत्व में किसान प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार सुबह डीएम सीपी सिंह से मुलाकात कर किसानों की समस्या रखी। मामले की गंभीरता को देखते हुए डीएम ने तत्काल जिला कृषि अधिकारी एवं कृषि विशेषज्ञों की टीम को प्रभावित किसानों के खेतों में भौतिक परीक्षण के लिए भेज दिया। निरीक्षण के दौरान एक ही किसान के दो अलग-अलग खेतों का अवलोकन किया। दोनों खेतों में मौसम, तापमान और खेती की परिस्थितियां समान थीं। जांच में पाया गया कि हेल इंडिया कंपनी के मक्का बीज वाले खेत में भुट्टों में दाने नहीं पड़े, जबकि उसी किसान के दूसरे खेत में अन्य कंपनी के बीज से तैयार फसल के भुट्टों में भरपूर दाने मिले।
किसानों की समस्या
किसानों का कहना है कि पूर्व में कृषि विभाग द्वारा अधिक तापमान एवं पिछेती खेती को दाने न पड़ने का कारण बताया गया था, लेकिन ताजा निरीक्षण में मिले तथ्यों ने इस दावे पर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक ही किसान के दो खेतों में अलग-अलग कंपनी के बीजों के परिणामों में स्पष्ट अंतर मिलने से पूर्व की जांच रिपोर्ट के विपरीत स्थिति सामने आई है।
अधिकारियों की कार्रवाई
मंडल अध्यक्ष राजकुमार तोमर ने कहा कि जब तक प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा नहीं मिलता और दोषी कंपनी के विरुद्ध सख्त कार्रवाई नहीं होती, तब तक संगठन किसानों के हक और न्याय की लड़ाई जारी रखेगा।
जांच प्रक्रिया
जिला कृषि अधिकारी आवेश कुमार सिंह ने बताया कि हेल कंपनी द्वारा 54 किसानों को मक्का का बीज दिया गया था। इसमें से आठ किसानों के खेतों की जांच पहले हो चुकी है। सोमवार को डीएम के आदेश पर पांच किसानों के खेतों की भी जांच की गई है। 40 वर्ष 41 किसानों के खेतों की जांच होना अभी भी बाकी है। प्रभावित किसानों के खेतों में मक्का की फसल अच्छी स्थिति में नहीं पाई गई है। अभी जांच चल रही है इसकी कंपाइल रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई की जाएगी।


