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यमुना में स्वच्छ पानी की उपलब्धता पर जोर

संशोधित -यमुना में स्वच्छ पानी की उपलब्धता पर जोर

आगामी 22 जनू को गंगा दशहरा स्नान पर्व की व्यवस्थाओं को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारी शुरू कर दी है। यमुना कार्ययोजना में संबंधित विभागों को 15 जून तक यमुना में स्वच्छ पानी की उपलब्धता के लिए निर्देश दिए गए हैं।

बुधवार को कलक्ट्रेट सभागार में आयोजित बैठक में याचिकाकर्ता गोपेश्वरनाथ चतुर्वेदी ने यमुना घाटों से सिल्ट हटाने की मांग की। मसानी पंपिंग स्टेशन भी चालू तो करा दिया गया है, लेकिन ओवरफ्लो को रोकना अभी भी चुनौती बना हुआ है। अपर जिलाधिकारी वित्त/नोडल अधिकारी रवींद्र कुमार ने संबंधित विभागों से सभी घाटों की सफाई के निर्देश दिए। साथ ही पंपिंग स्टेशन चालू कराने और नगर निगम की व्यवस्थाएं सुनिश्चित कराने के सहायक नगर आयुक्त सुशीला अग्रवाल को निर्देश दिए। एडीएम ने कहा कि यमुना में 15 जून तक एक हजार क्यूसिक पानी लगातार आना चाहिए, जिससे यमुना में साफ पानी की उपलब्धता सुनिश्चित हो सके। इसके लिए सिंचाई विभाग को निर्देश दिए गए। एडीएम ने प्रदूषण नियंत्रण विभाग से कहा कि वे शहर में औद्योगिक इकाईयों को लेकर सतत निगाह रखे कि वे संचालित न होने पाएं।

वर्तमान में 163 मीटर है जलस्तर

यमुना में वर्तमान में अप स्ट्रीम का जल स्तर 163 मीटर है जबकि डाउनस्ट्रीम में में 159. 20 मीटर है। सिंचाई विभाग द्वारा गोकुल बैराज पर यमुना जल स्तर लगभग स्थिर रखा जाता है। इसमें अप स्ट्रीम तो लगभग एक जैसा रहता है परंतु ज्यादा पानी आने पर डाउनस्ट्रीम में पानी का स्तर बढ़ा दिया जाता है, जबकि कम पानी आने पर डाउनस्ट्रीम में उसी अनुपात में कमी आ जाती है।

इसलिए विफल हो रहे यमुना शुद्धिकरण के प्रयास

यमुना में फिलहाल दिल्ली की ओर से ना के बराबर पानी आ रहा है। ऐसे में यमुना में जो भी जलस्तर दिखाई देता है, वह केवल ओवर फ्लो हो रहे नालों के कारण या फैक्ट्रियों के अवशिष्ट पानी के कारण दिखाई देता है। यही कारण है कि यमुना में प्रदूषण की रोकथाम के सारे प्रयास विफल हो रहे हैं।

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  • Web Title:Emphasis on the availability of clean water in Yamuna by June 15