Duty of AYUSH practitioners replaced by expert - विशेषज्ञ की जगह आयुष चिकित्सकों की लगा दी ड्यूटी DA Image
16 दिसंबर, 2019|2:39|IST

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विशेषज्ञ की जगह आयुष चिकित्सकों की लगा दी ड्यूटी

फालैन और जटवारी में जिस तरह चिकित्सकों की ड्यूटी स्वास्थ्य विभाग ने लगाई है, उस पर सवाल खड़ा हो गया है। इन दोनों स्थानों पर पंडा जलती होली से निकलेगा। यहां पर विशेषज्ञ की जगह चिकित्सकीय सेवा के लिए आयुष चिकित्सकों की ड्यूटी लगा दी गई है। ग्राम फालैन एवं जटवारी में 20 मार्च को जलती होली से पंडा निकलेगा। दोपहर से लेकर होलिका दहन तक होने वाले इस कार्यक्रम के लिए सुरक्षा की दृष्टि से चिकित्सकों की ड्यूटी लगाई गईं हैं। फालैन में नौहझील से डाक्टर चंदन आनंद, बाद से डाक्टर मेघश्याम गौतम, स्टाफ जुगल, नगरीय मलेरिया से मलखान को तैनात किया जाएगा। जटवारी में मांट से डा.आसिम कुरैशी, डा.किशोर कुमार, शेरगढ़ से तोरन सिंह, नगरीय मलेरिया से नवल की ड्यूटी लगाई है। यह सभी आवश्यक जीवन औषधियों से लैस एम्बुलेंस में तैनात रहेंगे। इधर स्वास्थ्य विभाग में इस बात पर चर्चा हो रही है कि सामान्य चिकित्सक एवं आयुष चिकित्सक अचानक हुए हादसे को किस प्रकार संभाल पाएंगे। यहां विशेषज्ञ चिकित्सक जैसे सर्जन, बेहोशी के चिकित्सक होने चाहिए। कारण इस होली को देखने हजारों की संख्या में श्रद्धालु होलिका दहन स्थल के आस-पास मौजूद रहते हैं। धधकती आग से निकलने वाले पंडा को देखने के लिए कभी-कभी हल्की-फुल्की धक्का-मुक्की भी हो जाती है। संविदा आयुष चिकित्सक वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष एवं नीमा के पूर्व अध्यक्ष डा. एमएस गौतम का कहना है कि इस प्रकार की गंभीर ड्यूटी में सामान्य या आयुष चिकित्सक की ड्यूटी नहीं लगनी चाहिए। यहां आवश्यकता विशेषज्ञ चिकित्सकों की है।

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