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ब्रज के मठ, मंदिरों के विवादों का हल आपसी सहमति से किया जाए

अखिल भारत वर्षीय ब्राह्मण महासभा की बैठक चैतन्य विहार स्थित बल्लभ धाम में हुई। जिसमें मंदिरों और धर्म स्थलों में हो रहे विवाद को लेकर दुख व्यक्त किया और बातचीत से इन विवादों का हल निकालने की अपील की है।

बैठक की अध्यक्षता करते हुए भागवत प्रवक्ता आचार्य बल्लभ महाराज ने कहा कि ब्रज के मठ, मंदिरों और धार्मिक स्थलों में हो रहे आपसी विवादों के कारण प्रभु दर्शन और सेवा पूजा में व्यवधान आ रहा है साथ ही श्रद्धालुओं को दर्शन करने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। विप्रों ने एक स्वर में सभी धर्माचार्य और गेास्वामियों से अपील की है कि मंदिरों और मठों में चल रहे विवाद का हल आपसी सहमति से कर लें, ताकि ब्रजमंडल के मंदिरों की मर्यादा और साफ छवि देश-विदेश में बनी रहे। अन्यथा आपसी लड़ाई में ब्रज के प्रमुख मंदिर श्राइन बोर्ड के अधीन हो सकते हैं। पं. बिहारी लाल वशिष्ठ ने कहा कि 30 जून को होने वाले विशाल ग्र्रामीण विप्र सम्मेलन की तैयारियां की जा रही है। सम्मेलन गोवर्धन, बरसाना, गोकुल में से एक स्थान का चयन शीघ्र किया जाएगा।

सुधीर शुक्ला ने कहा कि वर्तमन में ब्रज में पेयजल संकट की स्थिति बनी है। लोहवन, पैंठा, आन्यौर, जतीपुरा आदि क्षेत्रों में मीठे पानी की कोई व्यवस्था नहीं है। मीठे पानी के लिए गांववासी लंबे समय से नहीं है। इसके अलावा अनेक समस्याएं गांववासियो के सामने हैं। सम्मेलन में विचार कर समस्या के निदान की मांग केन्द्र एवं प्रदेश सरकार से की जाएगी। संत हरिबोल महाराज ने कहा कि ब्रज में बंदरों का आतंक व्याप्त है। ब्रजवासी एवं दर्शनार्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। गौशाला की भांति जगह-जगह सरकार द्वारा बंदरशाला खुलवानी चाहिए। सरकार द्वारा जमीन उपलब्ध कराई जाने पर दानदाताओं की मदद से भी बंदरशाला का निर्माण हो सकता है। बैठक में पुष्पेन्द्र, आचार्य राजेन्द्र, प्रदीप बनर्जी, डॉ1 विनोद शर्मा, महेश शर्मा, रामबाबा, आचार्य योगेन्द्र शर्मा, गोकुल स्वामी, महेश शुक्ला, विनोद शर्मा, गोविन्द वल्लभ आदि उपस्थित थे।

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  • Web Title:disputes of temples can be resolved with mutual consent