
16 गांवों में सक्रिय हैं डेढ़ सैंकड़ा टटलू-साइबर फ्राड गिरोह
Mathura News - झारखंड के जामतारा जिले की तरह मथुरा जनपद के 16 गांव भी आपराधिक गतिविधियों में पीछे नहीं हैं। इन 16 गांवों में करीब डेढ़ सैंकड़ा से अधिक टटूलू, ऑनलाइन
झारखंड के जामताड़ा जिले की तरह मथुरा जनपद के 16 गांव भी आपराधिक गतिविधियों में पीछे नहीं हैं। इन 16 गांवों में करीब डेढ़ सैकड़ा से अधिक टटूलू, ऑनलाइन साइबर फ्राड गिरोह के सदस्य चिन्हित हैं। इनमें से करीब चार दर्जन से अधिक जेल में हैं। पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है। अभी भी पुलिस का यह अभियान जारी है। बताते चलें कि जिले में साइबर अपराध करने वालों पर गोवर्धन, बरसाना, कोसीकलां और शेरगढ़ थाना क्षेत्र में 16 गांवों में करीब डेढ़ सैकड़ा से अधिक ऑन लाइन साइबर ठगी, टटलूगिरी करने वालों को चिन्हित कर उनका डोजियर और रजिस्टर भी बनाये गये थे।

थाना पुलिस को इनकी गतिविधियों पर नजर रखने के भी निर्देश दिये गये थे। साइबर ठगी करने वालों पर अंकुश लगाये जाने को लेकर विगत दिनों एसएसपी श्लोक कुमार ने अधीनस्थों के साथ मीटिंग करते हुए इनके गांवों में सर्च ऑपरेशन की प्लानिंग बनाई थी। एसपी क्राइम ने बताया कि जिले के 16 चिन्हित टटलू-साइबर ठगी करने वालों के गांव के चिन्हित शातिरों की धरपकड़ को गुरुवार को ऑपरेशन साइबर फ्रॉड क्लीन अभियान चलाया गया। इनमें मुड़सेरस, देवसेरस, हाथिया, नगला अकातिया, विशंभरा, दौलतपुर आदि गांव प्रमुख हैं। पुलिस का यह अभियान लगातार जारी रहेगा। इंसेट- खंगाला जा रहा है नेटवर्क मथुरा। जिले में विभिन्न प्रकार से ऑनलाइन साइबर ठगी करने वालों के खिलाफ की गयी कार्रवाई के बाद उनके पास से मिले मोबाइल के माध्यम से उनकी नेटवर्क खंगाल रही है। इस ऑपरेशन में हिरासत में लिये गये संदिग्धों के मोबाइल, चैट संदेश व अन्य सामग्री की जांच कराई जा रही है, ताकि इनके कहां-कहां से सम्पर्क हैं इसकी जानकारी हो सके। पुलिस टीम द्वारा अचानक चार गांवों की पुलिस टीम द्वारा की गयी घेराबंदी से ठगी करने वालों में अफरा-तफरी मच गई। पुलिस टीमों ने घर-घर दबिश दी। बताते हैं कि इस दौरान करीब ढाई दर्जन से अधिक मोबाइल बरामद किये। पुलिस इनमें मिली व्हाट़सएप चैट, आपत्तिजनक सामग्री, मोबाइल, सिम आदि के बारे में बरीकी से जांच कर रही है। एसपी क्राइम अवनीश कुमार ने बताया कि मोबाइल किसका है ? सिम किसके नाम है? इनमें क्या-क्या चैटिंग व अन्य सामग्री है? इसकी बारीकी से जांच कराई जा रही है। ताकि शातिरों के देश भर में फैले नेटवर्क के बारे में जानकारी कर सभी को दबोचा जा सके। बताते हैं कि कई मोबाइलों में ऑनलाइन ठगी के साक्ष्य, बैंकिंग एप और वारदात से जुड़े चैट संदेश भी पाये गये हैं। पुलिस अब बरामद डिजिटल डिवाइसों की तकनीकी जांच कर रही है। आईपी एड्रेस भी खंगाल रही पुलिस पुलिस पीएसी बल के माध्यम से दबोचे गये 37 शातिरों से मिले मोबाइल से की जाने वाली कॉल, व्हाट़्सएप कॉल, चैटिंग और कहां से कॉल की गयी किसको की गयीं की भी तकनीकी एक्सपर्ट द्वारा बारीकी से जांच कराई जा रही है। पुलिस अधिकारी ने बताया कि शातिरों से मिले मोबाइल से कहां-कहां किस से बात की गयी है। इसके लिये इन मोबाइलों के आईपी एड्रेस से इंटरनेट की आएफडीआर खंगाली जा रही है, वहीं वीपीएन सिस्टम चेक कराया जा रहा है। इससे पता चलेगा कि इन्होंने कहां किन-किन स्थानों पर बैठ कर बातचीत की है। इससे इनके अन्य साथियों की जानकारी मिल जायेगी।

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