Mathura News: बारिश से 10 फीसदी स्कूलों में हो जाता है जलभराव

हिन्दुस्तान, मथुरा
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Mathura News: एक से दो फीट तक जलभराव वाले स्कूलों को बेसिक शिक्षा विभाग ने किया चिह्नित -बीएसए ने डीएम को कराया हालात से अवगत, पानी गांव का स्कूल सर्वाधिक संवेदनशील

Mathura News: बारिश से 10 फीसदी स्कूलों में हो जाता है जलभराव

Mathura News: जनपद में करीब दस फीसदी प्राइमरी स्कूल बारिश में होने वाले जलभराव की दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील हैं। इन स्कूलों व स्कूल के मुख्य मार्गों पर बारिश से करीब एक से डेढ़ फीट तक जलभराव हो जाता है। इसके चलते शिक्षण कार्य ठप हो जाता है। बेसिक शिक्षा विभाग ने सर्वे करके इन स्कूलों की सूची भी तैयार ली है। जिलाधिकारी को भी इन स्कूलों की स्थिति से अवगत कराया गया है, ताकि एक प्लान तैयार करके इन स्कूलों को जलभराव की समस्या से मुक्त किया जा सके। पिछले दिनों जनपद में हुई बारिश में जलभराव की दृष्टि के अत्यंत संवेदनशील मांट ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय पानी गांव में भारी जलभराव हो गया था। तीन-चार फीट तक जलभराव की वजह से विद्यालय बंद करना पड़ा। बच्चे दूर शिक्षक तक विद्यालय नही पहुंच सके। स्थानीय लोगों कहना था कि इस स्कूल के लिए हर बार प्रस्ताव तैयार किया जाता है, लेकिन आज तक जलभराव की समस्या का समाधान नहीं हुआ। बेसिक शिक्षा विभाग ने भी बारिश से पूर्व संभावित जलभराव वाले प्राइमरी स्कूलों की सूची तैयार की थी। सर्वे में इन स्कूलों में बारिश के समय एक से डेढ़ फीट तक जलभराव की बात कही थी। यही नहीं तमाम विद्यालय ऐसे थे, जिनमें जलभराव तो नहीं होता, लेकिन उनके संपर्क मार्गों पर डेढ़ से दो फीट तक पानी भर जाता है, जिसके चलते विद्यालय नहीं पहुंच पाते। पिछले दिनों बारिश में इन विद्यालयों के कुछ ऐसे ही हालात रहे।

जलभराव के प्रभाव

जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी रतन कीर्ति ने जिलाधिकारी चन्द्र प्रकाश सिंह को भी विद्यालय में होने वाले जलभराव की स्थिति से अवगत कराया था, ताकि ऐसे विद्यालयों के लिए एक योजना तैयार करके विद्यालयों को जलभराव से मुक्ति दिलायी जा सके। विभागीय सर्वे के मुताबिक विकास खंड मांट के उच्च प्राथमिक विद्यालय ऊधर, प्राइमरी विद्यालय पतिपुरा, उच्च प्राथमिक विद्यालय ब्रज की नगरिया, उच्च प्राथमिक विद्यालय नगला सपेरा, प्राथमिक विद्यालय जरारा-2, प्राथमिक विद्यालय पानी गांव-2, प्राथमिक विद्यालय नंद नगरिया, उच्च प्राथमिक विद्यालय नगला जगरूपा, उच्च प्राथमिक विद्यालय प्रावि नगला पाती, प्राथमिक विद्यालय नगला हद, प्राथमिक विद्यालय मगदा, प्राथमिक विद्यालय आयरा खेड़ा तथा विकास खंड मथुरा में प्राथमिक विद्यालय नगला भैसा-2, प्राथमिक विद्यालय नगला वोहरा, प्राथमिक विद्यालय मौरा, उच्च प्राथमिक विद्यालय नगला पहलवारिया, प्राथमिक विद्यालय लाडपुर ऐसे हैं, जिनमें जलभराव से गंभीर हो जाते हैं।

सर्वे द्वारा पहचाने गए विद्यालय

इसी तरह राया विकास खंड के उच्च प्राथमिक विद्यालय पडरारी, प्राथमिक विद्यालय कूम्हां, उच्च प्राथमिक विद्यालय शेरनी, उच्च प्राथमिक विद्यालय विजाहरी, उच्च प्राथमिक विद्यालय कूम्हा, प्राथमिक विद्यालय गढी रामप्रसाद, उच्च प्राथमिक विद्यालय हर्राय, उच्च प्राथमिक विद्यालय पवेसरा, प्राथमिक विद्यालय नगला चीता, उच्च प्राथमिक विद्यालय पिरसुआ, प्राथमिक विद्यालय चमिला, प्राथमिक विद्यालय मचेलिया, उच्च प्राथमिक विद्यालय ब्यौंही, प्राथमिक विद्यालय गनपत, प्राथमिक विद्यालय ढकू, प्राथमिक विद्यालय नगला राना, प्राथमिक विद्यालय नगला मिश्री, प्राथमिक विद्यालय पन्नापुर, प्राथमिक विद्यालय तालगढ़ी हैं। इसी तरह नौहझील व चौमुहां समेत अन्य ब्लॉकों में भी ऐसे विद्यालय चिह्नित किए गए हैं, जिनमें बारिश से एक से दो फीट तक जलभराव हो जाता है।

सामान्य प्रश्न

प्राइमरी स्कूलों में जलभराव की समस्या कितनी गंभीर है?
जनपद में करीब दस फीसदी प्राइमरी स्कूल बारिश के समय जलभराव की दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील हैं।
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