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30 मार्च, 2020|7:02|IST

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निगम कर्मचारी ने दी आत्महत्या की चेतावनी

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नगर निगम के सैनिटेशन सेल के वरिष्ठ लिपिक मदन मोहन ने निलंबन के एक वर्ष बाद भी जांच पूरी न किए जाने पर आत्मदाह की चेतावनी है। उनको तत्कालीन नगर आयुक्त समीर वर्मा ने डूडा कर्मचारियों से बिना किसी अनुमति के काम लेने के आरोप में सस्पेंड कर दिया था।बताते चलें कि करीब एक वर्ष पूर्व डूडा में पंजीकृत कर्मचारियों को बिना सूची के अनुमोदित हुए ही वृंदावन की सफाई व्यवस्था में तैनात कर दिया गया था। इसका खुलासा तब हुआ जब कर्मचारियों का तीन माह बाद भी वेतन नहीं निकला। जांच में पता चला कि कर्मचारियों को बिना अनुमति के ही काम पर लगा लिया गया है। इस मामले में सिटी सैनिटेशन सेल के वरिष्ठ लिपिक मदन मोहन का तत्काल प्रभाव निलंबित कर दिया गया। इस मामले की जांच दो माह में पूर्ण करके जांच आख्या भी मांगी गयी थी। परंतु, आठ माह बाद भी जांच पूर्ण नहीं की गयी तो स्वायत्त शासन कर्मचारी महासंघ की शिकायत पर नगर विकास विभाग के प्रमुख सचिव ने 5 जून 2019 को जारी आदेश में नगर आयु्क्त से एक सप्ताह में नियानुसार कार्रवाई करते हुए जांच आख्या मांग ली।इसके बाद भी वरिष्ठ लिपिक की जांच पूर्ण नहीं की गयी। इसके उपरांत वरिष्ठ लिपिक ने 21 अक्तूबर 2019 को पुन: नगर आयुक्त से जांच कर सवेतन बहाल किए जाने की मांग की। इस पर नगर आयुक्त ने अपर नगर आयुक्त को तत्काल निर्णय लेकर प्रकरण की दो दिन में आख्या प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। इस आदेश के दो माह बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हो सकी है। अंतत: वरिष्ठ लिपिक मदन मोहन ने नगर आयुक्त को पत्र सौंपते हुए एक वर्ष से मानसिक उत्पीड़न करने की शिकायत की है। कर्मचारी ने कहा है कि यदि तीन दिन में जांच पूर्ण नहीं की जाती है तो उसे आत्महत्या करने पर मजबूर होना पड़ेगा।

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  • Web Title:Corporation employee warns of suicide