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वृंदावन में गोरक्षकों और तस्करों के बीच फायरिंग और पथराव

धोबी घाट के पास गोतस्करों और गोरक्षकों के बीच बुधवार मध्य रात करीब तीन घंटे तक संघर्ष हुआ। गोतस्करों ने अंधाधुंध फायरिंग और पथराव किया। मौके पर पुलिस को देख गोतस्कर एक गाड़ी और उसमें तीन गायों को छोड़ भागे। इस संघर्ष में एक गोरक्षक बाल-बाल बचा। बुधवार देर रात दिल्ली की नंबर प्लेट लगी स्कॉपियो में गोतस्करों द्वारा हैजा अस्पताल के पास से गायों को उठाने की सूचना ब्रजवासी गोरक्षक दल को मिली। इस पर गोरक्षक दल के कार्यकर्ता गायों को बचाने के लिए बाइकों से दौड़ पड़े। हैजा अस्पताल के पास से गायों को स्कॉर्पियो में डालकर ले जा रहे आधा दर्जन गोतस्करों का सामना पानीघाट पर गोरक्षकों से हो गया। गोरक्षकों ने उन्हें रोकने की कोशिश की। इस पर उन्होंने फायरिंग और पथराव शुरू कर दिया। दोनों तरफ से करीब साढ़े तीन घंटे पानीघाट और धोवी घाट के बीच संघर्ष चला। इसमें ब्रजवासी गोरक्षा दल के अध्यक्ष मोनू शर्मा गोतस्करों की गोली से बाल-बाल बचे। धोवी घाट पर नगर की सभी पुलिस चौकियों की पुलिस पहुंची। पुलिस को देख गोतस्कर यमुना के रास्ते भाग गए। एक स्कॉर्पियो गाड़ी और तीन गायें छोड़ गए। पुलिस ने गायों को श्रीपाद गोशाला पहुंचाया। सीओ सदर अजय कुमार का कहना है कि बुधवार रात गाय तस्करों से मुकाबला हुआ। इसमें बदमाश एक गाड़ी और तीन गायें छोड़कर भाग गए। गाड़ी को ट्रेस किया जा रहा है। गायों को गोशाला भेज दिया गया है। इन गोरक्षकों ने किया मुकाबला आधी रात को गोतस्करों से मुकाबला करने वालों में ब्रजवासी गोरक्षा दल के अध्यक्ष मौनू शर्मा, बलराम ठाकुर, रानू ठाकुर, राम शर्मा, राहुल गौड़, गोलू पंडित, विजय सैनी, बंटी शर्मा, विजय शर्मा, निखिल शर्मा, लखन ठाकुर, गुरुचरन, धर्मेन्द्र निषाद आदि शामिल थे।

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  • Web Title:Conflicts between indigenous people and smugglers in Vrindavan, indiscriminate firing, stone pelting