बोले मथुरा-जरूरतमंदों संग बांटें त्योहार की खुशियां
संक्षेप: Mathura News - ब्रज भूमि में त्योहारों के मौसम में समाजसेवी संस्थाएं और दानवीर जरूरतमंदों की मदद के लिए सक्रिय हैं। उन्होंने करवा चौथ से पहले वस्त्र वितरण शुरू किया है। इससे गरीब परिवारों में खुशियों की लहर दौड़ गई...

ब्रज भूमि में छोटे बड़े त्योहारों के सीजन के साथ-साथ आपदा और विपदा के अवसर पर भी तमाम समाजसेवी संस्था एवं सेवाभावी दानवीर निकलकर सामने आते हैं। जो जगह-जगह अपने विचार और ढंग से जरुरतमंदों को विभिन्न प्रकार से मदद पहुंचाने का कार्य करते हैं। इनमें से काफी लोग तो सेवा और मदद करने के बाद दूसरे हाथ को भी पता नहीं लगने देते हैं। यहां पिछले दिनों आई बाढ़ हो या कोरोना काल का समय हो। ऐसे हर समय पर तमाम संस्था एवं समाजसेवी लोगों ने बढ़ चढ़कर समाज के प्रति बखूबी अपनी सामाजिक जिम्मेदारियां निभाईं हैं। आज भी उनके सेवा एवं सहयोग के कार्यों में कहीं भी कोई कमी नहीं आई है।
यहां पर आगामी दीपावली के त्यौहारी सीजन के लिए अभी से ऐसी संस्थाएं एवं समाजसेवी लोग जरूरतमंदों की मदद में जुट गए हैं। वह जरुरतमंदों को विभिन्न सामग्री, कपड़े, मिठाई, आतिशबाजी आदि उपहार बांटने लगे हैं। इससे उनकी अभावों के कारण पनपने वाली मायूसी फिर से खुशियां में बदलना शुरु हो गई हैं। त्यौहार तक तमाम संस्था एवं लोग उन्हें मदद करने पहुंचने लगेंगे। सामाजिक संस्था व लोगों ने शुरु किए सेवा कार्य:ब्रज पर्यावरण जन जागरुकता समिति ने इस बार त्योहारी सीजन में शहर के विभिन्न क्षेत्रों के गरीब परिवारों के महिला-पुरुष एवं बच्चों को करवा चौथ से पहले ही वस्त्र वितरण का कार्य शुरु कर दिया है। इससे महीने के शुरुआती त्योहार पर ही परिवारों में खुशियां होंगी। समिति द्वारा जिला अस्पताल में विशेष शिविर लगाकर बच्चों के लिए चॉकलेट, टॉफी एवं बिस्किट बांटकर उनके भी चेहरों पर खुशी की चमक बिखेर दी। समिति ने आगामी दिनों में पड़ने वाली तेज सर्दियों के मौसम चलते अभी से जरुरतमंदों को वस्त्र वितरण का कार्य शुरू किया है। जो अगले चार-पांच महीने तक चलेगा। इससे पहले भी समिति विभिन्न सामाजिक कार्यों एवं जरुरतमंदों की मदद में जुटी रही है। इसके अलावा भी शहर में नवचेतन- एक आह्वान, नवसृजन ब्रजमंडल संस्था, आदि संस्थाएं समय समय पर सेवा, सुश्रुषा एवं मदद के कार्यों में जुटी रहती हैं। अमीरों के त्योहार तभी सार्थक हैं, जब गरीबों के घरों में भी कम से कम संतोष के उजाले रोशन हों। हर त्योहार की सबसे बड़ी पूजा जरूरतमंदों को भी उन खुशियों में शामिल करना है। एक ओर जरुरत से जूझते लोगों के दूसरी ओर बेहिसाब फिजूलखर्ची की खुशियों के कोई मायने नहीं हैं। - अराधना भारद्वाज होली-दीपावली जैसे त्योहारों तक तो हर कोई जैसे तैसे जरुरतें पूरी कर ही लेते हैं, लेकिन इससे पहले करवा चौथ पर अभावों को दूर करने के लिए वस्त्र वितरण किए हैं। इससे निश्चित ही उनके बीच वस्त्रों के अभाव आड़े न आकर प्रेम प्रगाढ़ होगा। - लक्ष्मीकांत शास्त्री जरुरतमंदों को त्योहारी सीजन में उपहार देने और आगामी सर्दियों के चलते सहयोग की भावना से वस्त्र वितरण किया गया है। इसके लिए जिला अस्पताल में शिविर लगाकर वास्तवित जरुरतमंदों तक उपहार भेंट किए गए हैं। यहां पर उपहार पाकर सभी के मन प्रफुल्लित हो उठे हैं। - राकेश चौधरी त्योहारी सीजन के सबसे पहले पर्व करवा चौथ के लिए जरुतमंद महिलाओं को पहले ही उपहार भेंट किए हैं। उन्हें वस्त्र, साड़ी एवं श्रंगार व पूजन सामग्री वितरित की है। इससे उनकी खुशियां बढ़ने के साथ ही हमारे भी आगामी त्योहारों की खुशियों में अब आत्मिक आनंद के चार चांद लग जाएंगे। - ममता शर्मा महिला मित्रों के साथ मिलकर सरकारी अस्पताल में भर्ती महिला मरीज व उनकी पत्नियों के लिए करवा चौथ से पहले ही सुहाग की पूजन सामग्री, साड़ी व अन्य जरुरत का सामान वितरण किया है। इससे त्यौहार पर उन्हें मायूसी नहीं होगी और त्यौहार को भी खुशियों के साथ मना सकेंगे। - गीता सिंह

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