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28 नवंबर, 2020|11:11|IST

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रजत सिंहासन पर विराजे प्राचीन केशव देव

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शरद पूर्णिमा का महोत्सव शनिवार को भी श्रद्धा भक्ति के साथ मनाया गया। भक्तों ने व्रत रखकर यमुना स्नान, दर्शन, परिक्रमा, भोग अर्पण, प्रसाद वितरण कर पुण्य लाभ प्राप्त किया।

प्राचीन मंदिर ठाकुर श्री केशव देव में शरदोत्सव धूमधाम से मनाया गया। प्रातः काल सेवायत अवध स्वरूप गोस्वामी, जगदीश गोस्वामी, गौरव गोस्वामी, मुन्नी लाल गोस्वामी ने मंत्र उच्चारण के बीच भगवान केशवदेव संग गिरिराज प्रभु का पंचामृत से अभिषेक और श्रृंगार कर महोत्सव का शुभारंभ किया। शाम को फूल बंगला सजाकर उसमें रजत सिंहासन पर भगवान को श्वेत वस्त्र धारण कर धवल चांदनी के मध्य विराजमान किया। ठाकुर जी को रजत जड़ित आभूषण पहनाए गए। श्री कृष्णा सामूहिक संकीर्तन मंडल के मनमोहन सर्राफ आगरा वाले, महेश गोयल ने राधा-कृष्ण स्वरूप धारण कर महाराज की भूमिका निभाई, महेश टेंट वाले, विजय बंसल ने गोपी रूप धारण कर भगवान भजन प्रस्तुत किए। ठाकुर जी को 251 किलो मेवा व केसर युक्त खीर का भोग सेवा सुरेश चंद वर्मा वृंदावन वालों ने लगाया। प्रबंध किए समिति अध्यक्ष पंडित सोहन लाल शर्मा, मीडिया प्रभारी नारायण प्रसाद शर्मा, सुरेश अग्रवाल, कृष्ण गोपाल, राकेश शर्मा, रमनलाल गुप्ता ने भक्तों में खीर प्रसाद वितरित किया। इस दौरान मंदिर प्रांगण रंगीन व सफेद लाइटों से जगमगाता रहा।

दीर्घ विष्णु को सुनाया धमार गायन

मथुरा। प्राचीन श्री दीर्घविष्णु मंदिर में हर्षोल्लास के साथ शरद महोत्सव मनाया। भगवान को धवल वस्त्र, श्रृंगार व धवल पुष्प धारण कराए। मेवायुक्त खीर, रबड़ी व केसर, दूध का भोग लगाया धमार गायन किया गया। भगवान श्री दीर्घ विष्णु का प्रातः मंगला आरती के विद्वानों ने पुरुष सूक्त व श्री सूक्त के मंत्रों का उच्चारण कर केसर युक्त जल से अभिषेक किया। माखन मिश्री का विशेष भोग लगाया।

महोत्सव में अनिता चतुर्वेदी संयोजक, आचार्य ब्रजेन्द्र नागर, वैदिक समिति संयोजक आचार्य देव दत्त शास्त्री देवो पंडित, मूल चंद गर्ग पार्षद, कमल कांत शर्मा, बालकृष्ण चतुर्वेदी, लाल कृष्ण चतुर्वेदी, जितेन्द्र चतुर्वेदी, बालकृष्ण चतुर्वेदी बालो, मुरलीधर चतुर्वेदी का सहयोग रहा।

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  • Web Title:Ancient Keshav Dev enthroned on the silver throne