अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

85 महिला एवं पुरुषों ने लिया देहदान का संकल्प

आज हजारों रोगी अंगों के अभाव में मृत्यु की राह देख रहे हैं। अंगदान के द्वारा ऐसे पीड़ित बंधुओं की सेवा की जा सकती है। देहदान संकल्प समारोह कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विभाग बौद्धिक प्रमुख और कार्यक्रम संयोजक कैलाशचंद्र अग्रवाल ने उक्त बातें कहीं।

रिफाइनरी टाउनशिप के हॉल में समारोह का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। देहदान संकल्प समिति के संरक्षक और आरएसएस के दिल्ली के प्रांत सह संघचालक आलोक जी ने कहा मृत्यु के बाद शरीर को मेडिकल कॉलेज को दान देना है। मेडिकल की पढ़ाई कर रहे छात्रों को सीखने को एक मृत शरीर की आवश्यकता होती है, जिसके अभाव में मेडिकल कॉलेज के छात्र ठीक से अपना तैयारी नहीं कर पाते हैं। उनकी योग्यता पर इसका प्रभाव पड़ता है। कार्यक्रम में पूज्य संत गोविंद आनंद तीर्थ महाराज व वात्सल्य ग्राम की साध्वी शिरोमणि दीदी ने सभी को अपना आशीर्वचन दिया। संचालन करते हुए संघ के महानगर बौद्धिक प्रमुख विजय बंटा अग्रवाल ने बताया इस देहदान संकल्प के कार्यक्रम में 17 श्रेणियों के बंधुओं ने भाग लिया है। कैलाशचंद्र अग्रवाल के परिवार के आठ महिला व पुरुषों ने सामूहिक संकल्प भी लिया है। कार्यक्रम में देहदान का संकल्प लेने वाले सभी देहदानियों का सम्मान किया गया।

ये रहे मौजूद

आरएसएस के प्रचारक व विद्या भारती के क्षेत्रीय संगठन मंत्री ख्यालीरामजी, महानगर संघचालक लालचंदजी, महानगर कार्यवाह शिव कुमार, सह विभाग कार्यवाह डॉ. संजय, पूर्व पालिकाध्यक्ष वीरेंद्र अग्रवाल, संघ के विभाग प्रचारक धर्मेंद्र, नगर कार्यवाह बृजमोहन, उर्मिला देवी, लक्ष्मी, शोभना, डॉ.भीनी अग्रवाल, सुरेंद्र गोयल, सुशोभित गोयल, श्रीकृष्ण कुमार आदि की प्रमुख भूमिका रही।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:85 women and men took the resolve to body donation