बांकेबिहारी में व्यवस्थाएं और चाक-चौबंद होंगी, प्रसाद व ई-रिक्शा संचालन पर हाईपावर्ड कमेटी गंभीर

Apr 10, 2026 06:01 am ISTYogesh Yadav मथुरा, हिन्दुस्तान संवाद
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वृंदावन में ठाकुर बांके बिहारी मंदिर की सुरक्षा और सुविधाओं को लेकर हाई पावर्ड मैनेजमेंट कमेटी ने सख्त कदम उठाए हैं। हाईपावर्ड कमेटी की बैठक में मंदिर के आसपास मिलावटी प्रसाद और ई-रिक्शा की मनमानी रोकने के के  निर्देश दिए गए हैं।

बांकेबिहारी में व्यवस्थाएं और चाक-चौबंद होंगी, प्रसाद व ई-रिक्शा संचालन पर हाईपावर्ड कमेटी गंभीर

UP News: वृंदावन के ठाकुर बांके बिहारी के आसपास बिकने वाले प्रसाद व अन्य खाद्य पदार्थों की बिक्री को लेकर हाई पावर्ड मैनेजमेंट कमेटी गंभीर है। कमेटी ने ऐसे पदार्थों की शुद्धता बनाए रखने के लिए खाद्य विभाग को अंतिम मौका दिया है। साथ ही ई-रिक्शों की मनमानी पर अंकुश लगाने के साथ उनको निर्धारित रूट पर निर्धारित सवारियों के साथ संचालन की अनुमति देने के निर्देश दिए। साथ ही मंदिर में पिछले दिनों सुरक्षा के मुद्दे पर भी कमेटी ने सिक्योरिटी एजेंसी से स्पष्टीकरण मांगा है।

लक्ष्मण शहीद स्मारक भवन वृन्दावन के सभागार में गुरुवार को उच्च न्यायालय इलाहाबाद के सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति अशोक कुमार की अध्यक्षता में चौदहवीं बैठक हुई। इसमें पिछले दिनों हुए वाकये की चर्चा करते हुए कमेटी अध्यक्ष ने कहा कि सुरक्षा व्यवस्था पर पुलिस और सिक्योरिटी में तालमेल हो। इस मामले में सिक्योरिटी इंचार्ज से स्पष्टीकरण मांगा जाएगा।

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कहा कि बांके बिहारी मंदिर या अन्य मंदिरों के आसपास गलियों में जो प्रसाद मिलता है, उसके लिए मावा राजस्थान सीमा से 50 से 100 रुपये किलो में आता है। इसे घोटकर, रिफाइंड आयल हाथ में मलकर मिठाई तैयार की जाती है। जबकि बाजार में 350 से 500 रुपये किलो तक मावा मिलता है। ऐसे में खाद्य पदार्थ 100-200 रुपये किलो कैसे मिल सकता है। इसकी शुद्धता पर सख्ती के लिए खाद्य विभाग को अंतिम मौका दिया गया है।

कमेटी अध्यक्ष ने कहा कि मथुरा में कुल 22678 ई-रिक्शों का पंजीकरण हैं। लखनऊ में भी एक रूट पर एक कलर के ई-रिक्शे चलते हैं। अन्य रूट पर जाएंगे तो चालान होगा। कहा कि ई-रिक्शों में चार सवारियों की जगह होती है, जिसमें आठ से 12 व 15 लोग बैठाए जाते हैं। चालान करने पर पैसा देकर वे छूट जाते हैं, क्योंकि थानों पर उनको रखने की जगह नहीं है। ऐसे में नगर आयुक्त और एमवीडीए के उपाध्यक्ष को बताया गया कि चार धाम के बारबर तीन-चार एकड़ जगह है, जहां चालान वाले ई-रिक्शों को बंद किया जाएगा। इसके अलावा बैठक में मंदिरों के जीणोद्धार व बैंक खाते आदि संबंधित कुल 25 प्रस्तावों पर चर्चा हुई।

फूल बंगलों के लिए एक लाख रुपये निर्धारित

कमेटी अध्यक्ष ने कहा कि फूल बंगलों का सजना एक अच्छी परंपरा नहीं है और हम भी उसके पक्ष में नहीं हैं। हम लोगों ने सामूहिक रूप से विस्तृत वार्ता करके ये तय किया कि जो एक लाख 51 हजार रुपये की धनराशि निर्धारित की गयी है, उसे जनता की भावनाओं को और विशेष रूप से गोस्वामियों की भावनाओं को दृष्टिगत रखते हुए अगली तिथि तक एक लाख रुपये निर्धारित किया गया है।

इस पर एक सदस्य द्वारा विरोध भी प्रकट किया गया, लेकिन हम लोगों ने उसको मद्देनजर रखते हुए तय किया है कि गोस्वामी लोग फूल बंगला सजाएंगे। साथ ही फूल बंगला बनवाने वाले भक्त को सिंहासन के पूजन की परंपरा का निर्वहन करने की भी अनुमति होगी। सिंहासन पूजन के लिए कमेटी द्वारा निर्धारित समय से एक घंटे का समय तय किया गया है।

पहले रजिस्ट्री कराने का मिलेगा लाभ

अध्यक्ष ने बताया कि बांके बिहारी मंदिर के नाम कुछ रजिस्ट्री हुई हैं, लेकिन जिस संख्या बल में रजिस्ट्री होनी थी, वह नहीं हो पायी हैं। अधिकारियों ने आश्वस्त किया है कि रजिस्ट्री की संख्या बढ़ेगी। इसके लिए अब पहले आओ पहले पाओ की व्यवस्था तय की गयी है। यानी जो भी मल्टीप्लेक्स आदि बनेंगे उनमें उनको प्राथमिकता दी जाएगी।

बैठक में ये रहे मौजूद

बैठक में न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) उच्च न्यायालय इलाहाबाद/अध्यक्ष अशोक कुमार, जिला एवं सत्र न्यायाधीश (सेवानिवृत्त) सदस्य मुकेश मिश्रा, जिला जज मथुरा/सदस्य विकास कुमार, जिला मजिस्ट्रेट/कलेक्टर/सदस्य सचिव चन्द्र प्रकाश सिंह, नगर आयुक्त/सदस्य जग प्रवेश, उपाध्यक्ष मथुरा वृन्दावन विकास प्राधिकरण लक्ष्मी एन, राजभोग समूह से शैलेन्द्र गोस्वामी एवं श्रीवर्धन गोस्वामी, शयनभोग समूह से दिनेश कुमार गोस्वामी एवं विजय कृष्ण गोस्वामी (बब्बू) उपस्थित रहे।

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योगेश यादव लाइव हिन्दुस्तान में पिछले छह वर्षों से यूपी सेक्शन को देख रहे हैं। यूपी की राजनीति, क्राइम और करेंट अफेयर से जुड़ी खबरों को कवर करने की जिम्मेदारी निभा रहे हैं। यूपी की राजनीतिक खबरों के साथ क्राइम की खबरों पर खास पकड़ रखते हैं। यूपी में हो रहे विकास कार्यों, शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में आ रहे बदलाव के साथ यहां की मूलभूत समस्याओं पर गहरी नजर रखते हैं।

पत्रकारिता में दो दशक का लंबा अनुभव रखने वाले योगेश ने डिजिटल से पहले प्रिंट में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई। लम्बे समय तक हिन्दुस्तान वाराणसी में सिटी और पूर्वांचल के नौ जिलों की अपकंट्री टीम को लीड किया है। वाराणसी से पहले चड़ीगढ़ और प्रयागराज हिन्दुस्तान को लांच कराने वाली टीम में शामिल रहे। प्रयागराज की सिटी टीम का नेतृत्व भी किया।

बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से बीकॉम में ग्रेजुएट और बनारस की ही काशी विद्यापीठ से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट योगेश ने कई स्पेशल प्रोजेक्ट पर काम भी किया है। राष्ट्रीय नेताओं के दौरों को कवर करते हुए उनके इंटरव्यू किये। नेताजी सुभाष चंद्र बोस की मौत से जुड़े रहस्यों पर हिन्दुस्तान के लिए सीरीज भी लिख चुके हैं।

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