चंद्र ग्रहण के दौरान भी खुला रहेगा मथुरा का द्वारकाधीश मंदिर, बांके बिहारी के पट 11.30 घंटे बंद
3 मार्च को चंद्र ग्रहण के साये में ब्रज की होली मनाई जाएगी। मथुरा का द्वारकाधीश मंदिर ग्रहण के दौरान (दोपहर 3:20 से शाम 6:50) भी दर्शनों के लिए खुला रहेगा। वहीं, बांके बिहारी मंदिर के पट सुबह 8:30 बजे से रात 8 बजे तक बंद रहेंगे।

Mathura News: ब्रज की विश्वप्रसिद्ध होली के उल्लास के बीच इस वर्ष फाल्गुन पूर्णिमा पर चंद्र ग्रहण का साया पड़ रहा है। इस खगोलीय घटना के चलते कान्हा की नगरी मथुरा के प्रमुख मंदिरों की दर्शन व्यवस्था और पूजन पद्धति में बड़े बदलाव किए गए हैं। जहाँ पुष्टिमार्गीय संप्रदाय के सुप्रसिद्ध ठाकुर द्वारकाधीश मंदिर ने ग्रहण काल के दौरान भी अपने पट निरंतर खुले रखने का निर्णय लिया है, वहीं ठाकुर बांके बिहारी मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुविधा और शास्त्रीय मान्यताओं को देखते हुए नई समय सारिणी जारी की है। करीब साढ़े ग्यारह घंटे मंदिर के पट बंद रहेंगे।
द्वारकाधीश मंदिर: ग्रहण काल में भी राजाधिराज के दर्शन
ठाकुर द्वारकाधीश मंदिर के मीडिया प्रभारी राकेश तिवारी (एडवोकेट) ने बताया कि बल्लभ संप्रदाय के तृतीय पीठाधीश्वर कांकरौली नरेश गोस्वामी डॉ. वागीश कुमार महाराज के आदेशानुसार, मंदिर में होली महोत्सव के कार्यक्रम सुचारू रूप से चलेंगे। सोमवार को भी मंदिर में भक्तों ने राजाधिराज के साथ जमकर अबीर-गुलाल और टेसू के फूलों के रंगों की होली खेली। मंगलवार को प्रात: 6 बजे मंदिर में होलिका दहन का विशेष पूजन संपन्न होगा।
इसके पश्चात, प्रात: 10 से 11 बजे तक फाल्गुनी उत्तरा नक्षत्र में डोल महोत्सव की धूम रहेगी। मंदिर प्रशासन के अनुसार, दोपहर 3:20 से सायं 6:50 बजे तक चंद्र ग्रहण के दौरान भी ठाकुर जी के दर्शन निरंतर खुले रहेंगे। आम तौर पर ग्रहण में मंदिर बंद रहते हैं, लेकिन पुष्टिमार्गीय परंपरा के तहत यहाँ भक्तों को दर्शन का लाभ मिलता रहेगा। दोपहर 12:30 से 1:30 बजे तक चौथी झांकी के विशेष दर्शन होंगे।
बांके बिहारी मंदिर: दर्शनों का नया शेड्यूल
ठाकुर श्री बांके बिहारी मंदिर की हाई पावर्ड मैनेजमेंट कमेटी के अध्यक्ष एवं इलाहाबाद उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति अशोक कुमार ने बताया कि चंद्र ग्रहण के कारण मंगलवार को ठाकुर जी के पट खुलने और बंद होने के समय में आंशिक बदलाव किया गया है।
राजभोग सेवा (सुबह का समय):
मंदिर में सेवायतों का प्रवेश प्रातः 05:15 बजे होगा। दर्शन सुबह 06:15 बजे खुलेंगे और शृंगार आरती 06:25 बजे होगी। राजभोग आरती सुबह 08:25 बजे शुरू होकर 08:30 बजे पर्दा बंद होने के साथ संपन्न हो जाएगी।
शयनभोग सेवा (शाम का समय):
शाम की सेवा के लिए मंदिर रात 08:00 बजे खुलेगा। शयन आरती रात 09:55 बजे प्रारंभ होगी और रात्रि 10:00 बजे पर्दा बंद कर दिया जाएगा। 10:30 बजे तक सेवायत मंदिर परिसर से बाहर आ जाएंगे। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से इन समयों को ध्यान में रखकर ही दर्शन हेतु आने की अपील की है ताकि भीड़ और असुविधा से बचा जा सके।
लेखक के बारे में
Yogesh Yadavयोगेश यादव हिन्दुस्तान में डिप्टी न्यूज एडिटर के पद पर हैं।
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