राधे-राधे और फिर मची चीख पुकार, बचने को मारते रहे हाथ-पैर, मथुरा नाव हादसे का वीडियो
मथुरा में हुए नाव हादसे का खौफनाक वीडियो सामने आया है, जिसमें श्रद्धालु पहले 'राधे-राधे' का जाप करते दिख रहे हैं और अगले ही पल नाव पलटने से चीख-पुकार मच जाती है। यमुना की 30 फीट गहराई में डूबे 37 लोगों में से 22 को स्थानीय नाविकों ने अपनी तत्परता से बचा लिया है। दस की मौत और पांच लापता हैं।
UP News: मथुरा में शुक्रवार की शाम हुए नाव हादसे के कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। जहां एक वीडियो में नाव पर सवार श्रद्धालु राधे-राधे का जाप करते हुए दिखाई दे रहे हैं तो दूसरे वीडियो में चीख-पुकार मची हुई है। नाव पलटने के बाद के इस वीडियो में दिख रहा है कि कई लोग बचने के लिए हाथ पैर मार रहे हैं। हादसा होते ही आसपास के नाव सवार मौके पर पहुंचते हैं और कुछ लोगों को ट्यूब फेंककर बचाने की कोशिश करते हैं तो कुछ लोगों को अपनी नाव पर खींचकर बचाते हैं। नाविकों की तत्परता का ही असर रहा कि नाव पर सवार आधे से ज्यादा लोगों को बचा लिया गया है। फिलहाल हादसे में दस लोगों की मौत हुई है। पांच लोग लापता बताए जा रहे हैं। लापता लोगों की तलाश शनिवार को भी जारी रही। एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें लापता लोगों की तलाश में जुटी हैं।
क्या हुआ था
पंजाब के लुधियाना से आए तीर्थयात्रियों से भरी नाव शुक्रवार की दोपहर पांटून पुल से टकराने के बाद यमुना में पलट गई थी। बताया जाता है कि एक मोटर बोट पर 43 लोग सवार हुए तो चालक ने छह लोगों को दूसरी नाव पर शिफ्ट कर दिया। 37 लोगों के साथ मोटर बोट मांट-वृंदावन के बीच बढ़ रही है। नाव पर सवार श्रद्धालु राधे-राधे का जाम करते हुए बेहद खुश नजर आ रहे थे।
इसी दौरान पांटून पुल के निकट नाव पहुंची तो नाविक ने पाया कि सिल्ट सफाई के लिए पांटून पुल को जेसीबी से साइट में किया हुआ है। आगे जाना मुश्किल है। ऐसे में चालक ने जैसे ही मोटर बोट को मोड़ना चाहा, उसी समय पांटून पुल का एक हिस्सा नाव से टकरा गया और नाव असंतुलित होकर नदी में पलट गई।
नाव पलटते चीख-पुकार मची
नाव पलटते ही सभी लोग यमुना में गिर जाते हैं। लोगों के गिरते ही चीख पुकार मच जाती है। अन्य नावों पर सवार लोग भी डूबने वालों को बचाने के लिए चीखने चिल्लाने लगते हैं। जिस स्थान पर हादसा हुआ वहां यमुना नदी की गहराई 30 फीट से ज्यादा थी। जिन्हें बिल्कुल तैरना नहीं आता था, वह तो गहराई में चले गए। कुछ लोग हाथ पैर मारते हुए बचने का प्रयास करते रहे। तैरना आने के बावजूद शरीर पर कपड़ा होने से खुद को बचाना मुश्किल हो रहा था।
वायरल वीडियो में लोगों की लाचारी साफ दिख रही है। इसी बीच मौके पर नाव लेकर पहुंचे आसपास के नाविकों ने लोगों को बचाना शुरू किया। कुछ लोगों को अपने नाव पर रखे ट्यूब और लाइफ जैकेट फेंककर दिया और कुछ लोगों को नाव पर खींचकर बचाया। नाविकों की तत्परता से 37 में से 22 लोगों को बचा लिया गया। इनमें कई लोग बेहोश भी थे। उन्हें अलग-अलग अस्पतालों में भेजा गया। देर रात ही 14 लोगों की हालत सुधरने पर अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
यमुना में गिरते मारने लगा हाथ-पांव, साहस ने बचाई जान
यमुना में पलटी नाव में लुधियाना के लवी कालड़ा भी सवार थे। लवी कालड़ा तैरना नहीं जानता था लेकिन हिम्मत नहीं हारी और हाथ-पांव मारते हुए ऊपर आ गया, जिसे बाद में बचाव दल ने बचा लिया। हादसे में स्वंय के बच जाने पर लवी ईश्वरीय चमत्कार मान रहा है। लवी ने बताया कि करीब 132 लोगों का दल लुधियाना से गुरुवार को ब्रज यात्रा पर निकला था। यहां आने के बाद दोपहर करीब ढाई बजे इस दल के काफी लोग केसी घाट पहुंचे और यहां से मोटरवोट द्वारा देवराह बाबा घाट तक जाने का प्लान बना। लोग एक नाव में बैठे तो उसमें संख्या ज्यादा हो गयी। ऐसे में उसी मोटरवोट वाले ने एक छोटी नाव मंगायी, जिसमें छह लोग सवार हो गये। दोनों नावें चल दीं।
पांटून पुल के पास पहुंचने पर आगे जाने का रास्ता इतना नहीं था कि जिस मोटरबोट में वह बैठा था, वह निकल सके। वहां पर पांटून पुल को सही करने में एक जेसीवी लगी हुई थी, जो किनारे से पांटून पुल को खींच रही थी। काफी देर इंतजार के बाद भी जब वहां से आगे नहीं बढ़ सके तो मोटरवोट सवार लोगों ने चालक से कहा कि अब आगे न जाए, वापस चले चलो।
लोग खड़े हो गए और पलट गई नाव
जैसे ही मोटरवोट चालक ने अपनी नाव को मोड़ा, पांटून पुल का हिस्सा मोटरबोट से टकरा गया। मोटरवोट से पांटून पुल का हिस्सा टकराने से सवारों में चीखपुकार मच गयी और मोटरवोट सवार लोग खड़े हो गये। पांटून पुल टकराने और लोगों के खड़े हो जाने से मोटरवोट पलट गयी।
नाव में सवार लोग पानी में समाने लगे। लवी ने बताया कि वो हाथ-पांव मारते हुए ऊपर आने लगा। सतह तक नहीं गया था, गिरते ही हाथ-पांव चलाने लगा और तुरंत ऊपर सिर निकल आया। इस दौरान यमुना किनारे खड़े लोगों ने मोटरवोट पलटते देख ली थी और कुछ लोग नाव लेकर तथा कुछ यमुना में कूदकर उनकी ओर आने लगे। कुछ ही देर में एक नाव उन तक आ गयी और उन्हें पानी से निकाल लिया। उनके साथ दो महिलाओं को भी निकला लिया, जिससे वह बच गये।
लेखक के बारे में
Yogesh Yadavयोगेश यादव लाइव हिन्दुस्तान में पिछले छह वर्षों से यूपी सेक्शन को देख रहे हैं। यूपी की राजनीति, क्राइम और करेंट अफेयर से जुड़ी खबरों को कवर करने की जिम्मेदारी निभा रहे हैं। यूपी की राजनीतिक खबरों के साथ क्राइम की खबरों पर खास पकड़ रखते हैं। यूपी में हो रहे विकास कार्यों, शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में आ रहे बदलाव के साथ यहां की मूलभूत समस्याओं पर गहरी नजर रखते हैं।
पत्रकारिता में दो दशक का लंबा अनुभव रखने वाले योगेश ने डिजिटल से पहले प्रिंट में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई। लम्बे समय तक हिन्दुस्तान वाराणसी में सिटी और पूर्वांचल के नौ जिलों की अपकंट्री टीम को लीड किया है। वाराणसी से पहले चड़ीगढ़ और प्रयागराज हिन्दुस्तान को लांच कराने वाली टीम में शामिल रहे। प्रयागराज की सिटी टीम का नेतृत्व भी किया।
बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से बीकॉम में ग्रेजुएट और बनारस की ही काशी विद्यापीठ से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट योगेश ने कई स्पेशल प्रोजेक्ट पर काम भी किया है। राष्ट्रीय नेताओं के दौरों को कवर करते हुए उनके इंटरव्यू किये। नेताजी सुभाष चंद्र बोस की मौत से जुड़े रहस्यों पर हिन्दुस्तान के लिए सीरीज भी लिख चुके हैं।


