
फतेहपुर की पटाखा मंडी में भीषण आग, धमाकों से दहला इलाका, तीन करोड़ की आतिशबाजी स्वाहा
दिवाली से एक दिन पहले फतेहपुर की पटाखा मंडी में भीषण आग लग गई। शांतिनगर में एमजी कॉलेज परिसर में स्थापित अस्थायी पटाखा मंडी में रविवार दोपहर लगी आग से ऊंची-ऊंची लपटें उठी तो हड़कंप मच गया।
दिवाली से एक दिन पहले फतेहपुर की पटाखा मंडी में भीषण आग लग गई। एक दुकान से उठी आग ने देखते ही देखते सभी 65 दुकानों को चपेट में ले लिया। दुकानों में रखी आतिशबाजी में करीब एक घंटे तक धमाके होते रहे। आग इतनी भयावह थी कि दो किमी दूर तक धुएं का गुबार देखा गया। हादसे में तीन दुकानदार मामूली रूप से झुलसे हैं। यहां खड़ीं दुकानदारों की 40 बाइकें भी धमाके के साथ जल गईं। आग में करीब तीन करोड़ रुपये की आतिशबाजी स्वाहा हो गई। करीब चार घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद एक दर्जन फायरब्रिगेड की गाड़ियों ने आग पर काबू पाया। आग लगने के कारणों के अलग-अलग कयास लगाए जा रहे हैं। कुछ दुकानदारों का कहना है कि उद्घघाटन में जलाई गई अगरबत्ती की वजह से हादसा हुआ है तो कुछ का कहना है कि एक नशेबाज के यहां सिगरेट पीने से आग लगी है। कुछ लोग इसे साजिश भी बता रहे हैं।

एमजी कॉलेज परिसर में पिछले कुछ सालों से पटाखा मंडी लगती आ रही है। इस बार मैदान में 70 दुकानें लगाई गईं थीं। हालांकि लाइसेंस 65 दुकानों का ही जारी हुआ था। इस वजह से इतनी ही दुकानें लगी थीं। रविवार सुबह करीब साढ़े 11 बजे दुकान नंबर एक के पास फीता काटकर मंडी का शुभारंभ हुआ। दुकानदारों के मुताबिक करीब एक घंटे बाद सवा 12 बजे दुकान नंबर दो और तीन में अचानक विस्फोट होने लगे। इससे पहले कि कुछ समझ पाते, देखते ही देखते बाकी दुकानें भी चपेट में आने लगीं। तेज धमाकों से पूरी मंडी में भगदड़ मच गई। वह लोग जान बचाकर भाग खड़े हुए। सूचना पर पहुंची दमकल की एक दर्जन गाड़ियां आग बुझाने में जुट गईं। करीब साढ़े चार बजे आग पर काबू पाया जा सका। हालांकि तब तक सारी आतिशबाजी स्वाहा हो चुकी थी। दुकानदारों की बाइकें भी जल गईं।
आग लगने से इनकी टंकियों में भी विस्फोट हुए। दुकानदारों का कहना है कि किसी की दुकान में पांच लाख का माल था तो किसी की दुकान में दो लाख का। इस लिहाज से करीब तीन करोड़ की आतिशबाजी जली है। वहीं बाइकों और टेंट आदि का मिलान किया जाए तो करीब पांच करोड़ का नुकसान हुआ है। डीएम रविंद्र सिंह ने बताया कि 65 दुकानें जली हैं। आग के कारणों और नुकसान का पता लगाया जा रहा है। मामले में जांच के आदेश दिए गए हैं।
चीफ फायर ऑफिसर जसवीर सिंह ने बताया,फायर विभाग की तैयारी पूरी थी। चूंकि दुकानों में आतिशबाजी रखी थी, इसलिए समय ही नहीं मिला और धमाकों के साथ दुकानें जल गईं। आग लगने के कारणों का पता लगाया जा रहा है। नुकसान का भी आकलन किया जा रहा है।





