मासूम की हत्या कर फरार बदमाश सुनील का अंत, आगरा में एनकाउंटर, दारोगा भी घायल
आगरा के ताजगंज में 8 साल की बच्ची की गला काटकर हत्या करने वाले इनामी सुनील को पुलिस ने एनकाउंटर में ढेर कर दिया है। आरोपी ने किराए के विवाद में मिले थप्पड़ का बदला लेने के लिए मासूम की जान ली थी।

आगरा में ताजगंज थाना क्षेत्र के सिद्धार्थ नगर में 8 साल की मासूम बच्ची की बेरहमी से हत्या करने वाले आरोपी सुनील का अंत हो गया है। शनिवार तड़के पुलिस के साथ हुई एक मुठभेड़ में 25 हजार का इनामी बदमाश सुनील ढेर हो गया। पुलिस उसे गिरफ्तार करने की कोशिश कर रही थी, लेकिन उसने फायरिंग शुरू कर दी, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई में वह मारा गया। एनकाउंटर में एक दारोगा भी घायल हुआ है। पुलिस ने सुनील के पास से तमंचा के साथ गोलियां बरामद की हैं।
क्या था पूरा मामला?
घटना की शुरुआत 24 मार्च को हुई थी, जब सिद्धार्थ नगर निवासी एक जूता कारोबारी की 8 साल की बेटी घर के बाहर खेलते समय अचानक लापता हो गई थी। परिजनों ने काफी तलाश की, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला। लगभग 30 घंटे बाद, पुलिस को उसी मकान में रहने वाले किराएदार सुनील के कमरे पर शक हुआ। जब कमरे का ताला तोड़कर तलाशी ली गई, तो अंदर आटे के कनस्तर (डिब्बे) में मासूम का शव बरामद हुआ। आरोपी ने बच्ची का गला काटकर हत्या की थी और लाश को आटे में छिपा दिया था ताकि किसी को शक न हो।
थप्पड़ का बदला लेने के लिए की हत्या
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी सुनील पेशे से पेंटर था और पिछले एक साल से पीड़ित परिवार के घर में किराए पर रह रहा था। 11 दिन पहले बकाया किराए को लेकर बच्ची के चाचा से उसका विवाद हुआ था। विवाद के दौरान चाचा ने सुनील को थप्पड़ मार दिया था और उसके कमरे पर ताला लगा दिया था। सुनील ने बाद में किराया तो दे दिया, लेकिन वह इस अपमान को भूल नहीं पाया। उसने बदला लेने की नीयत से मासूम बच्ची को अपना निशाना बनाया और उसकी हत्या कर फरार हो गया।
आधी रात को एनकाउंटर और मौत
वारदात के बाद से ही पुलिस की 10 टीमें आरोपी की तलाश में जुटी थीं। पुलिस ने उस पर 25 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया था। शनिवार तड़के पुलिस को सूचना मिली कि सुनील इलाके में कहीं छिपा है। जब पुलिस ने उसे घेरने की कोशिश की, तो उसने टीम पर गोलियां चलाना शुरू कर दिया। आत्मरक्षार्थ पुलिस ने भी जवाबी फायरिंग की, जिसमें सुनील को गोली लग गई। उसे तत्काल जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। एनकाउंटर में एक सिपाही और दारोगा भी गोली लगने से घायल हुए हैं।
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लेखक के बारे में
Yogesh Yadavयोगेश यादव लाइव हिन्दुस्तान में पिछले छह वर्षों से यूपी सेक्शन को देख रहे हैं। यूपी की राजनीति, क्राइम और करेंट अफेयर से जुड़ी खबरों को कवर करने की जिम्मेदारी निभा रहे हैं। यूपी की राजनीतिक खबरों के साथ क्राइम की खबरों पर खास पकड़ रखते हैं। यूपी में हो रहे विकास कार्यों, शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में आ रहे बदलाव के साथ यहां की मूलभूत समस्याओं पर गहरी नजर रखते हैं।
पत्रकारिता में दो दशक का लंबा अनुभव रखने वाले योगेश ने डिजिटल से पहले प्रिंट में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई। लम्बे समय तक हिन्दुस्तान वाराणसी में सिटी और पूर्वांचल के नौ जिलों की अपकंट्री टीम को लीड किया है। वाराणसी से पहले चड़ीगढ़ और प्रयागराज हिन्दुस्तान को लांच कराने वाली टीम में शामिल रहे। प्रयागराज की सिटी टीम का नेतृत्व भी किया।
बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से बीकॉम में ग्रेजुएट और बनारस की ही काशी विद्यापीठ से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट योगेश ने कई स्पेशल प्रोजेक्ट पर काम भी किया है। राष्ट्रीय नेताओं के दौरों को कवर करते हुए उनके इंटरव्यू किये। नेताजी सुभाष चंद्र बोस की मौत से जुड़े रहस्यों पर हिन्दुस्तान के लिए सीरीज भी लिख चुके हैं।


