VIDEO: एंटी करप्शन टीम के हत्थे चढ़ गया मंडी सचिव, एक लाख रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार
बुलंदशहर में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एंटी करप्शन टीम ने बुधवार को खुर्जा की नवीन मंडी के सचिव नाहर सिंह को आढ़ती से एक लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।
Bulandshahr News: यूपी में भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने को लेकर कार्रवाई लगातार जारी है। एंटी करप्शन और विजिलेंस टीम द्वारा रिश्वतखोरों को पकड़ने के मामले आए दिन सामने आ रहे हैं। बुलंदशहर से भी ऐसा ही मामला सामने आया है। बुधवार को एंटी करप्शन टीम ने खुर्जा की नवीन मंडी के सचिव नाहर सिंह को आढ़ती से एक लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।
खुर्जा की नई मंडी के आढ़ती अतुल गुप्ता को मंडी सचिव द्वारा बार-बार नोटिस देकर परेशान किया जा रहा था। आरोप है कि नोटिसों से राहत दिलाने और मामले को निपटाने के एवज में मंडी सचिव ने एक लाख रुपये की रिश्वत की मांग की थी। इससे परेशान होकर आढ़ती अतुल गुप्ता ने मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत की थी। जिसके बाद मेरठ की एंटी करप्शन टीम ने उनसे संपर्क किया।
एंटी करप्शन टीम ने बिछाया था जाल
एंटी करप्शन टीम मेरठ के प्रभारी निरीक्षक योगेंद्र धामा ने शिकायत की जांच के बाद टीम सहित जाल बिछाया और तय योजना के तहत आढ़ती से एक लाख रुपए रिश्वत लेते हुए मंडी सचिव नाहर सिंह को उसके कार्यालय में रंगे हाथ पकड़ लिया। गिरफ्तारी के बाद एंटी करप्शन टीम आरोपी सचिव से पूछताछ कर रही है और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। इस कार्रवाई के बाद मंडी क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। वहीं, व्यापारियों के बीच भी यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। इससे पूर्व 18 जून को शिकारपुर की कृषि उत्पादन मंडी समिति का कंप्यूटर ऑपरेटर जितेंद्र कुमार दस हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए एंटी करप्शन टीम ने रंगे हाथ गिरफ्तार किया था। जबकि इसी प्रकरण में आरोपी मंडी सचिव फरार हो गया था। शिकारपुर कोतवाली में आरोपी मंडी सचिव अर्जुन सिंह और कंप्यूटर आपरेटर के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया।
‘सीओ शोभित कुमार अत्री ने बताया कि एंटी करप्शन की टीम मंडी सचिव को थाने लेकर आई है। टीम द्वारा जांच की जा रही है। मामले में एंटी करप्शन टीम द्वारा तहरीर दिए जाने पर मुकदमा दर्ज किया जाएगा।’
15 हजार रिश्वत लेने पर हिरासत में ‘बाहरी’
वहीं दूसरा मामला बलिया जिले से सामने आया है। धारा 24 के तहत भूमि पैमाइश के नाम पर 15 हजार रुपए लेने की महिला की शिकायत पर एसडीएम संजय कुशवाहा ने एक व्यक्ति को पुलिस के हवाले कर दिया, जबकि राजस्व निरीक्षक (कानूनगो) को नोटिस जारी किया है। बैरिया निवासी आशा सिंह पत्नी बलराम सिंह ने एसडीएम को शिकायती पत्र देकर आरोप लगाया कि भूमि पैमाइस के लिए मौजा बैरिया में धारा 24 के तहत आदेश हुआ था। राजस्व निरीक्षक के यहां कई बार चक्कर लगाने के बाद उनके साथ काम करने वाले एक ‘बाहरी’ व्यक्ति टेंगरही निवासी संतोष कुमार ने बताया कि बगैर सुविधा शुल्क के पैमाइश नहीं होगी। तब उसे 15 हजार रुपए दिए। इसके बाद भी पैमाइश नहीं हुई।
लेखक के बारे में
Dinesh Rathourदिनेश राठौर वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' में डिप्टी चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं। डिजिटल और प्रिंट
पत्रकारिता में 13 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले दिनेश ने अपने करियर की शुरुआत 2010 में हरदोई से की थी। कानपुर
यूनिवर्सिटी से स्नातक दिनेश ने अपने सफर में हिन्दुस्तान (कानपुर, बरेली, मुरादाबाद), दैनिक जागरण और राजस्थान पत्रिका
(डिजिटल) जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई हैं। हरदोई की गलियों से शुरू हुआ पत्रकारिता का सफर
आज डिजिटल मीडिया के शिखर तक पहुँच चुका है। दिनेश राठौर ने यूपी और राजस्थान के विभिन्न शहरों की नब्ज को प्रिंट और
डिजिटल माध्यमों से पहचाना है।
लाइव हिन्दुस्तान की यूपी टीम में कार्यरत दिनेश दिनेश, खबरों के पीछे की राजनीति और सोशल मीडिया के ट्रेंड्स (वायरल
वीडियो) को बारीकी से विश्लेषण करने के लिए जाने जाते हैं।
पत्रकारिता का सफर
हरदोई ब्यूरो से करिअर की शुरुआत करने के बाद दिनेश ने कानपुर हिंदुस्तान से जुड़े। यहां बतौर स्ट्रिंगर डेस्क पर करीब
एक साल तक काम किया। इसके बाद वह कानपुर में ही दैनिक जागरण से जुड़े। 2012 में मुरादाबाद हिंदुस्तान जब लांच हुआ तो
उसका हिस्सा भी बने। करीब दो साल यहां नौकरी करने के बाद दिनेश राजस्थान पत्रिका से जुड़ गए। सीकर जिले में दिनेश ने
करीब तीन साल तक पत्रकारिता की। उन्होंने एक साल तक डिजिटल का काम भी किया। 2017 में दिनेश ने बरेली हिंदुस्तान में
प्रिंट के डेस्क पर वापसी की। लगभग दो साल की सेवाओं के बाद डिजिटल हिंदुस्तान में काम करने का मौका मिला जिसका सफर जारी
है।


