बाथरूम में सुराख कर बनाता रहा न्यूड वीडियो, धाराओं में चूक गई पुलिस; कोर्ट से मिली जमानत
Obscene video maker arrested and granted bail: कानपुर में 23 साल का एक लड़का बाथरूम में सुराख कर अपने ही परिवार की महिलाओं और मासूम बच्चियों के न्यूड वीडियो बनाता था। उसने गूगल ड्राइव में यह सब छिपा कर रखा था। गूगल से राष्ट्रीय लापता एवं शोषित बाल केंद्र के पोर्टल पर आई जानकारी के बाद वह पकड़ा गया।

Obscene video maker arrested and granted bail: अपने ही परिवार की मासूम बच्चियों, महिलाओं के न्यूड वीडियो बनाने वाले आरोपी को पुलिस की चूक से जमानत भी मिल गई। शातिर ने वीडियो बनाने के लिए बाथरूम के दरवाजे में छेद कर रखा था। मोबाइल के कैमरे के बराबर छेद से ही वह अश्लील वीडियो बनाता था। मोबाइल के गूगल ड्राइव में पुलिस को 15 अश्लील वीडियो मिले थे। वहीं, अधिवक्ताओं की मानें तो पुलिस ने धाराएं लगाने में चूक की है। मामला रक्त संबंधी का है ऐसे में पुलिस को पॉक्सो एक्ट की दूसरी धारा लगाकर रिमांड मांगनी चाहिए थी।
चमनगंज में जनरल स्टोर संचालक 23 वर्षीय युवक चचेरी बहन, रिश्तेदार की आठ साल की बच्ची समेत परिवार में रहने वाली दूसरी बच्चियों के पोर्न वीडियो बनाता था। पकड़ से बचने के लिए अश्लील फोटो-वीडियो गूगल ड्राइव में छिपाकर रखे थे। गूगल से जानकारी राष्ट्रीय लापता एवं शोषित बाल केंद्र के पोर्टल पर आई जिसके बाद शिकायत दर्ज की गई। इसके बाद साइबर टीम ने आरोपित के मोबाइल नंबर, आईएमईआई नंबर, ई-मेल आईडी को ट्रेस कर चमनगंज से धर दबोचा था। एडीसीपी क्राइम अंजलि विश्वकर्मा ने प्रेसवार्ता कर इस घटना की जानकारी दी थी। पुलिस की जांच में सामने आया है कि आरोपी ने बाथरूम के दरवाजों में मोबाइल के कैमरे बराकर छेद बना रखे थे। इन्हीं छेद से मोबाइल के जरिये वह वीडियो बनाता था। मामले में एसआई सुनील कुमार ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
थाना प्रभारी रिकेश सिंह ने बताया कि बीएनएस की धारा 75 और 77 और पॉक्सो एक्ट की धारा 7/8 के तहत चालान किया गया था। शनिवार को आरोपी को कोर्ट में पेश किया गया। सभी धाराएं जमानती होने के चलते रिमांड मजिस्ट्रेट की कोर्ट से उसे जमानत मिल गई। विवेचना के दौरान साक्ष्य मिलने पर धाराएं बढ़ाई जाएंगी।
चचेरी बहन की नहाते हुए बनाए वीडियो: जनरल स्टोर की दुकान के साथ डायपर का होलसेल का काम करने वाले आरोपी ने चचेरी बहन का चोरी-छिपे नहाते हुए वीडियो बनाया। पुलिस के मुताबिक गूगल ड्राइव में कुल 15 अश्लील वीडियो मिले हैं। कुछ वीडियो में आरोपित बच्चियों को बैड टच करता भी नजर आ रहा है। मोबाइल कब्जे में लेकर जांच की जा रही है।
अधिवक्ता बोले-पुलिस ने की चूक
वरिष्ठ अधिवक्ता शिवाकांत दीक्षित ने बताया कि पुलिस ने धाराएं लगाने में चूक की है। पॉक्सो अधिनियम की धारा 9एन के तहत पुलिस को कार्रवाई करनी चाहिए थी। इसके साथ ही धारा 10 लगानी चाहिए थी। 9एन/10 के साथ पुलिस को रिमांड मांगनी चाहिए। चूंकि पुलिस को इस अपराध की जानकारी गूगल के जरिये मिली है लिहाजा पुलिस तर्क दे सकती थी कि गूगल ड्राइव में सेव वीडियो कहीं डार्क वेब पर तो नहीं बेचे गए। जांच के लिए पुलिस वक्त के साथ ही रिमांड मांग सकती थी।
लेखक के बारे में
Ajay Singhअजय कुमार सिंह पिछले आठ वर्षों से लाइव हिन्दुस्तान की यूपी टीम में पूर्वांचल के बड़े हिस्से से खबरों का कोआर्डिनेशन देख रहे हैं। वह हिन्दुस्तान ग्रुप से 2010 से जुड़े हैं। पत्रकारिता में 27 वर्षों का लंबा अनुभव रखने वाले अजय ने टीवी, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में अपनी एक विशिष्ट पहचान बनाई है। हिन्दुस्तान से पहले वह ईटीवी, इंडिया न्यूज और दैनिक जागरण के लिए अलग-अलग भूमिकाओं में काम कर चुके हैं। अजय राजनीति, क्राइम, सेहत, शिक्षा और पर्यावरण से जुड़ी खबरों को गहराई से कवर करते हैं। बैचलर ऑफ जर्नलिज्म और मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट अजय फिलहाल लाइव हिन्दुस्तान में असिस्टेंट एडिटर हैं और उत्तर प्रदेश की राजनीति और क्राइम की खबरों पर विशेष फोकस रखते हैं।
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