प्रेमिका की पिटाई की खबर सुनते ही प्रेमी ने दी जान, घर में फंदे से लटका मिला शव
हाथरस में प्रेमी युवक ने खुदकुशी कर ली। प्रेमी को जब पता चला कि उसकी प्रेमिका की उसके माता पिता ने पिटाई की है तो वह सहन नहीं कर सका और गुस्से में आकर फंदे पर लटक गया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

यूपी के हाथरस से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। जहां चंदपा कोतवाली क्षेत्र के गांव में प्रेमी युवक ने खुदकुशी कर ली। प्रेमी को जब पता चला कि उसकी प्रेमिका की उसके माता पिता ने पिटाई की है तो वह सहन नहीं कर सका और गुस्से में आकर फंदे पर लटक गया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
एक युवक का काफी लंबे समय से एक युवती से प्रेम संबंध थे। प्रेमी युवक के परिजनों को यह बात अच्छी नहीं लग रही थी। लिहाजा उन्होंने प्रेमिका के घर जाकर उसकी शिकायत कर दी। इससे युवती को उसके परिवार के लोगों ने मारापीटा। जब यह बात प्रेमी युवक को पता चली तो वह गुस्से में आ गया और उसने अपने घर में जाकर फंदे पर लटक गया। काफी देर तक परिवार के लोग यहीं समझते रहे कि वह सो रहा है, क्योकि युवक के परिवार के लोग खेत पर काम करने के लिए चले गये थे।
घर पर केवल युवक की भाभी थी। जब भाभी ने कमरे के अंदर झांककर देखा तो उसकी चीख निकल पड़ी। गांव के तमाम लोग जमा हो गये। कोहराम मच उठा। सूचना मिलने पर चंदपा पुलिस पहुंच गई। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। इंस्पेक्टर श्याम सिंह का कहना है कि युवक ने खुदकुशी की है। बाकी पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत का कारण स्पष्ट हो जाएगा।
प्यार के लिए राशिदा बनी रानी, मंदिर में रचाई शादी
उधर, रामपुर में छात्रावस्था में हुई मोहब्बत करीब छह साल बाद विवाह के बंधन में बंध गई। अपने प्यार को पाने के लिए राशिदा रानी बन गई और अपने प्रेमी राजपाल संग मंदिर में फेरे ले लिए। इतना ही नहीं शादी को कानूनी जामा पहनाने के लिए उन्होंने कोर्ट मैरिज भी की। मामला दो समुदायों का होने के कारण प्रेमी जोड़े ने जान का खतरा बताते हुए पुलिस से सुरक्षा मांगी है।
स्वार कोतवाली क्षेत्र के ग्राम खरदिया निवासी राशिदा की करीब छह साल पहले पढ़ाई के दौरान ही क्षेत्र के ही बथुआखेड़ा गांव निवासी राजपाल से दोस्ती हो गई। दोनों की दोस्ती कब प्यार में बदल गई, किसी को नहीं पता। मुहब्बत परवान चढ़ी तो विवाह तक बात पहुंच गई। लेकिन, दोनों अलग अलग समुदाय के होने के कारण परिवार और समाज ने इसकी इजाजत नहीं दी। जिस पर दिसंबर माह में दोनों ने खामोशी से अपने-अपने घरों से निकलकर राशिदा ने रानी बनकर राजपाल के साथ एक मंदिर में फेरे ले लिए।
बाद में कानूनी जामा पहनाने के लिए 10 दिसंबर को रजिस्ट्रार द हिन्दू मैरिज एक्ट की कोर्ट में विवाह पंजीकरण कराया और प्रमाण पत्र प्राप्त कर किया। बाद में दोनों अपने - अपने घर चले गए। काफी दिनों तक किसी के परिजनों को भनक तक नहीं लगी। करीब चार-पांच दिन पहले मामले यह बात जब परिजनों को पता चली तो तनाव बढ़ गया।
लेखक के बारे में
Pawan Kumar Sharmaपवन कुमार शर्मा पिछले चार वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान से जुड़े हैं। डिजिटल मीडिया में काम करते हुए वह उत्तर प्रदेश की राजनीति, क्राइम, सरकारी योजनाओं और टूरिज्म से जुड़े मुद्दों पर नियमित रूप से लिखते हैं। इससे पहले पवन एबीपी न्यूज के साथ बतौर फ्रीलांसर काम कर चुके हैं। पवन ने नई दिल्ली स्थित भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) से रेडियो एवं टेलीविजन पत्रकारिता की पढ़ाई की है। इससे पहले क्राइस्ट चर्च कॉलेज, कानपुर से राजनीति विज्ञान में पोस्ट ग्रेजुएशन किया। ग्राउंड रिपोर्टिंग और अकादमिक समझ के साथ पवन तथ्यात्मक, संतुलित और पाठक-केंद्रित समाचार लेखन करते हैं।
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