लखनऊ में सरकारी भूमि पर बड़ी कार्रवाई, 6 करोड़ की जमीन कराई गई अतिक्रमण मुक्त
लखनऊ में नगर निगम ने सरकारी जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए बड़ी कार्रवाई की है। नगर निगम की टीम ने पुलिस फोर्स के अवैध अतिक्रमण को हटवाया। कुछ जगहों पर बुलडोजर भी चलाया गया।

यूपी की राजधानी लखनऊ में नगर निगम ने सरकारी जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए बड़ी कार्रवाई की है। अपर नगर आयुक्त पंकज श्रीवास्तव एवं एसडीएम सरोजनी नगर अंकित शुक्ला के निर्देश पर संबंधित अधिकारियों की टीम ने ग्राम मिरानपुर पिनवट, तहसील सरोजनी नगर, जनपद लखनऊ में शासकीय भूमि को अवैध कब्जे से मुक्त कराया।
ग्राम मिरानपुर पिनवट स्थित गाटा संख्या 12, क्षेत्रफल 0.544 हेक्टेयर भूमि राजस्व अभिलेखों में ग्राम समाज की भूमि के रूप में दर्ज है। उक्त भूमि पर कुछ स्थानीय व्यक्तियों द्वारा अवैध रूप से व्यावसायिक काम के लिए अस्थायी निर्माणाधीन कॉम्प्लेक्स तथा प्लॉटिंग का काम किया जा रहा था। इस अवैध गतिविधि के माध्यम से नगर निगम में निहित सरकारी भूमि को क्षतिग्रस्त करने का प्रयास किया जा रहा था। मामले की जानकारी मिलने पर प्रशासन ने तुरंत संज्ञान लेते हुए कार्रवाई की योजना बनाई।
सहायक नगर आयुक्त एवं प्रभारी अधिकारी (सम्पत्ति) रामेश्वर प्रसाद तथा तहसीलदार नगर निगम लखनऊ अरविन्द पाण्डेय द्वारा उपलब्ध कराई गई संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया। जांच के दौरान अवैध निर्माण की पुष्टि होने पर जेसीबी मशीन की सहायता से निर्माणाधीन ढांचे को ध्वस्त कर दिया गया। पूरी कार्रवाई का नेतृत्व नायब तहसीलदार नगर निगम तेजस्वी प्रकाश ने किया।
ईटीएफ समेत पुलिस बल तैनात
नगर निगम की कार्रवाई के दौरान ईटीएफ फोर्स तथा थाना सरोजनी नगर द्वारा उपलब्ध कराया गया पुलिस बल मौके पर तैनात रहा। इस कार्रवाई के परिणामस्वरूप लगभग 4000 वर्गफुट बेशकीमती भूमि को अवैध कब्जे से मुक्त कराया गया। अधिकारियों के अनुसार उक्त भूमि की वर्तमान बाजार कीमत लगभग 6 करोड़ रुपये आंकी गई है। प्रशासन ने स्थानीय नागरिकों से अपील की है कि वे सरकारी भूमि पर अतिक्रमण न करें तथा किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि की सूचना तत्काल संबंधित विभाग को दें।
लेखक के बारे में
Dinesh Rathourदिनेश राठौर वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' में डिप्टी चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं। डिजिटल और प्रिंट
पत्रकारिता में 13 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले दिनेश ने अपने करियर की शुरुआत 2010 में हरदोई से की थी। कानपुर
यूनिवर्सिटी से स्नातक दिनेश ने अपने सफर में हिन्दुस्तान (कानपुर, बरेली, मुरादाबाद), दैनिक जागरण और राजस्थान पत्रिका
(डिजिटल) जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई हैं। हरदोई की गलियों से शुरू हुआ पत्रकारिता का सफर
आज डिजिटल मीडिया के शिखर तक पहुँच चुका है। दिनेश राठौर ने यूपी और राजस्थान के विभिन्न शहरों की नब्ज को प्रिंट और
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है।


