GST डिप्टी कमिश्नर प्रभा भंडारी पर गिरी गाज, 70 लाख की रिश्वतखोरी में तीन अफसर सस्पेंड
झांसी में पिछले दिनों 70 लाख की रिश्वतकांड के मामले में गिरफ्तार सेंट्रल जीएसटी की डिप्टी कमिश्नर व आईआरएस अफसर प्रभा भंडारी समेत तीन अफसरों को निलंबित कर दिया गया है।

झांसी में पिछले दिनों 70 लाख की रिश्वतकांड के मामले में जीएसटी डिप्टी कमिश्नर प्रभा भंडारी समेत तीन अफसरों पर गाज गिर गई है। तीनों को सस्पेंड कर दिया गया है। डिप्टी कमिश्नर पर केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) ने कार्रवाई की है। जबकि कानपुर कमिश्नरेट के कमिश्नर रोशन लाल ने सुपरिटेंडेंट अनिल तिवारी और अजय शर्मा को प्रभाव से निलंबित कर दिया। बीते साल 18 दिसंबर को सीजीएसटी डिप्टी कमिश्नर व आईआरएस अफसर प्रभा भंडारी के नेतृत्व में सेंट्रल जीएसटी टीम ने झांसी के झोकनबाग स्थित जय दुर्गा हार्डवेयर एवं जय अंबे प्लाईवुड पर छापा मारा था। यहां भारी गड़बड़ी पाई गई थी।
माल और करोड़ों रुपए के बिल पकड़े थे। कार्रवाई में टीम ने 13 करोड़ रुपए की कर चोरी पकड़ी थी। जबकि ब्याज समेत दोनों फार्म को करीब 23 करोड़ रुपए देने थे। यहां से अफसरों की डीलिंग शुरू हुई। तीनों अफसर मिलकर 1.5 करोड़ रुपए रिश्वत लेकर टैक्सी की राशि घटाकर 50 लाख रुपए कराने की डील कर रह रहे थे। सीबीआई ने 30 दिसंबर को 70 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए सुपरिटेंडेंट अनिल तिवारी और अजय शर्मा को रंगे हाथ गिरफ्तार किया था। उनके साथ दुर्गा हार्डवेयर के मालिक राज मंगनानी और वकील नरेश को भी गिरफ्तार किया गया। बाद में दिल्ली से डिप्टी कमिश्नर प्रभा भंडारी को भी गिरफ्तार किया गया। इसके बाद से टीम लगातार झांसी में डेरा जमाए रही। बीती 1 जनवरी को सीबीआई ने उनके घर से 30 लाख रुपए गहने बरामद किए थे। अब सीजीएसटी डिप्टी कमिश्नर प्रभा भंडारी समेत तीनों अफसरों को सस्पेंड कर दिया गया है।
मिले थे 30 लाख के जेवरात
कुछ दिनों से सीबीआई टीम झांसी में डेरा जमाए रहे। बीती एक जनवरी की रात प्रभा भंडारी के फ्लैट का ताला तोड़कर तलाशी ली गई थी। जिसमें 30 लाख के जेवर और डेढ़ लाख रुपए नगद बरामद हुआ है। टीम ने कुछ अहम दस्तावेज भी बरामद किए थे। सूत्र बताते हैं कि कुछ और राज उजागर हो सकते हैं। हालांकि टीम की कार्रवाई लगातार तेज हो गई है।
होने लगी थी डील
सूत्रों की मानें तो कार्रवाई के दौरान पकड़ी गई करोड़ों की कर चोरी के बाद डिलिंग शुरू हुई। नियम के तहत 50 प्रतिशत जुर्माना व 5 साल के ब्याज के साथ टैक्स वसूला जाना था। इस पर कारोबारी के ऊपर 23 करोड़ रुपए जमा का दबाव बनाया गया। इसको लेकर वकील नरेश से संपर्क किया। नरेश ने अनिल और अजय से बात की। दोनों ने 23 करोड़ की राशि कम कराने के बदले दो करोड़ की डीलिंग की। बात करते-करते यह 1.5 करोड़ पर आ गई। लेकिन, इससे पहले सीबीआई ने पूरे मामले को उजागर कर दिया।

लेखक के बारे में
Dinesh Rathourदिनेश राठौर लाइव हिन्दुस्तान की यूपी टीम में पिछले आठ सालों से काम कर रहे हैं। वह लाइव हिन्दुस्तान में डिप्टी चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर हैं। कानपुर यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन किया है। पत्रकारिता में 13 साल से अधिक का अनुभव रखने वाले दिनेश की डिजिटल मीडिया और प्रिंट जर्नलिज्म में अलग पहचान है। इससे पहले लंबे समय तक प्रिंट में डेस्क पर भी काम किया है। कुछ सालों तक ब्यूरो में भी रहे हैं। यूपी और राजस्थान के सीकर जिले में भी पत्रकारिता कर चुके हैं। यूपी की राजनीति के साथ सोशल, क्राइम की खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाते हैं। वायरल वीडियो की फैक्ट चेकिंग में दिनेश को महारत हासिल है।
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