बिजली विभाग की बड़ी कार्रवाई: अवैध रूप से लाइन शिफ्टिंग में 3 संविदा कर्मी बर्खास्त, जेई पर भी एक्शन
गोंडा में 11 केवी हाईटेंशन लाइन को अवैध तरीके से शिफ्ट करने के मामले में पावर कारपोरेशन ने बड़ी कार्रवाई की है। कारपोरेशन ने नवाबगंज उपखंड के एसडीओ और जेई समेत सात बिजली कर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की है।

Gonda News: यूपी के गोंडा में 11 केवी हाईटेंशन लाइन को अवैध तरीके से शिफ्ट करने के मामले में पावर कारपोरेशन ने बड़ी कार्रवाई की है। कारपोरेशन ने नवाबगंज उपखंड के एसडीओ और जेई समेत सात बिजली कर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की है। तीन सदस्यीय जांच टीम की रिपोर्ट के बाद यह कदम उठाया गया। जानकारी के अनुसार ग्राम तुलसीपुर माझा में परिक्रमा मार्ग निर्माण के लिए लगाए गए प्लांट को बिजली आपूर्ति देने के उद्देश्य से 11 केवी लाइन को नियमों के विपरीत शिफ्ट किया गया था।
मामले की शिकायत मिलने पर विभाग ने जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम गठित की थी। टीम में अधीक्षण अभियंता संजय गुप्ता, अधिशासी अभियंता राम मोहन पांडेय और परिक्षेत्रीय लेखाधिकारी अखिलेश कुमार शामिल थे। शनिवार को टीम ने अपनी रिपोर्ट मुख्य अभियंता को सौंप दी, जिसमें आरोप सही पाए गए। रिपोर्ट के आधार पर मुख्य अभियंता यदुनाथ यथार्थ ने कड़ी कार्रवाई करते हुए तीन संविदा लाइनमैन सुग्रीव सिंह, रामबाबू और अशोक को सेवा से बर्खास्त कर दिया। जांच में इनकी लाइन निर्माण कार्य में सीधी संलिप्तता पाई गई। वहीं दो एसएसओ राम जी और गजेन्द्र पाल को परिचालकीय सेवा से हटाकर अन्य उपकेंद्रों पर स्थानांतरित कर दिया गया है।
जेई पर दर्ज हो चुकी है एफआईआर
मामले में अवर अभियंता अरुण कुमार के खिलाफ भी कार्रवाई की गई है। बताया गया कि उनके विरुद्ध पूर्व में भी एक मामले में एफआईआर दर्ज है और उन्होंने करीब एक माह पूर्व ही यहां कार्यभार ग्रहण किया था। उपखंड अधिकारी पीयूष सिंह के खिलाफ विभागीय नियमों के तहत चार्जशीट दाखिल की गई है, जिससे स्पष्ट है कि जिम्मेदारी तय करने में विभाग ने वरिष्ठ स्तर तक कार्रवाई की है। रिपोर्ट मे बताया गया है कि लाइन शिफ्टिंग के लिए न तो विधिवत स्वीकृति ली गई थी और न ही निर्धारित प्रक्रिया का पालन किया गया। इससे न केवल राजस्व हानि की आशंका बनी, बल्कि सुरक्षा मानकों की भी अनदेखी हुई। पावर कार्पोरेशन की इस कार्रवाई से विभाग में हड़कंप मच गया है। अधिकारियों का कहना है कि नियमों से समझौता किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और आगे भी जांच के दायरे में आए कर्मियों पर सख्त कदम उठाए जाएंगे।
सोनभद्र में एक्सईएन और एसडीओ सस्पेंड
सोनभद्र जिले के लोढ़ौता गांव में गुरुवार को शटडाउन के दौरान आपूर्ति चालू होने से संविदा लाइनमैन संतोष की मौत हो गई थी। मामले मिर्जापुर के मुख्य अभियंता लोकेंद्र बहादुर सिंह ने प्रारंभिक जांच में लापरवाही पाए जाने पर शुक्रवार को घोरावल उपकेंद्र के जेई शैलेश प्रजापति को निलंबित कर दिया गया। एसएसओ अश्विनी कुमार और लाइनमैन राजेश को बर्खास्त कर दिया था। लोकेंद्र के मुताबिक पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम के प्रबंध निदेशक ने शनिवार को अधिशासी अभियंता राबर्ट्सगंज एसबी ठाकुर और उपखंड अधिकारी घोरावल कृष्णानंदन को भी निलंबित कर दिया। इधर, शनिवार सुबह मुआवजे की मांग को परिजनों और ग्रामीणों ने घोरावल ब्लाक तिराहे पर शव रखकर जाम कर दिया। किसी तरह अफसरों ने समझाकर उन्हें शाम कराया।
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Dinesh Rathourदिनेश राठौर लाइव हिन्दुस्तान की यूपी टीम में पिछले आठ सालों से काम कर रहे हैं। वह लाइव हिन्दुस्तान में डिप्टी चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर हैं। कानपुर यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन किया है। पत्रकारिता में 13 साल से अधिक का अनुभव रखने वाले दिनेश की डिजिटल मीडिया और प्रिंट जर्नलिज्म में अलग पहचान है। इससे पहले लंबे समय तक प्रिंट में डेस्क पर भी काम किया है। कुछ सालों तक ब्यूरो में भी रहे हैं। यूपी और राजस्थान के सीकर जिले में भी पत्रकारिता कर चुके हैं। यूपी की राजनीति के साथ सोशल, क्राइम की खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाते हैं। वायरल वीडियो की फैक्ट चेकिंग में दिनेश को महारत हासिल है।
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