बैंक कर्मियों की टालमटोल से ठंडे बस्ते में स्वरोजगार योजना
भोगांव। प्रदेश सरकार जहां मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना के जरिए बेरोजगार युवाओं को स्वरोजगार से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाने का दम भर रही है, वहीं जमीनी धर

प्रदेश सरकार जहां मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना के जरिए बेरोजगार युवाओं को स्वरोजगार से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाने का दम भर रही है, वहीं जमीनी धरातल पर बैंक अधिकारी और कर्मचारी इस महत्वाकांक्षी योजना को पलीता लगाने में जुटे हैं। विभिन्न बैंकों में युवाओं के ऋण आवेदन महीनों से धूल फांक रहे हैं। बैंक प्रबंधकों की हठधर्मी और टालमटोल के रवैये के कारण दर्जनों बेरोजगार युवक बैंकों के चक्कर काटने को मजबूर हैं। इस योजना के तहत युवाओं को स्वरोजगार स्थापित करने के लिए पांच लाख रुपये तक का ऋण दिया जाता है। क्षेत्र के कई शिक्षित युवाओं ने उद्योग केंद्र के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन किए थे।
विभाग द्वारा पात्रता जांचने के बाद फाइलों को संबंधित बैंकों को भेज दिया गया, लेकिन बैंक कर्मियों द्वारा कागजात पूरे करने के नाम पर महीनों फाइलों को अटकाए रखा जा रहा है। युवाओं का आरोप है कि दुकान का किराया, मशीनरी एस्टीमेट और कानूनी दस्तावेज जमा करने के बाद भी बैंक अधिकारी सिबिल स्कोर व अन्य तकनीकी कमियों का बहाना बनाकर उन्हें टरका रहे हैं।
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