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24 नवंबर, 2020|11:01|IST

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मैनपुरी में 32 लाख के गबन में बड़े चेहरे कब होंगे बेनकाब

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तीन साल से सफाई कर्मियों की सैलरी में घपला हो रहा था और संबंधित विभाग के अधिकारी बेखबर थे। सबसे बड़ा सवाल तो यह है कि एक सफाई कर्मी डीपीआरओ दफ्तर चला रहा था और संबंधित अधिकारी सिर्फ सैलरी लेने का काम कर रहे थे। अधिकारियों के पास इस बात का भी जवाब नहीं है कि जिस पासवर्ड को संभालने की जिम्मेदारी उनकी है वह पासवर्ड संबंधित सफाई कर्मी को क्यों दिया गया। यदि उसने पासवर्ड चुराया तो लगातार तीन साल तक घपला होता रहा। इस पासवर्ड की जिम्मेदारी अधिकारियों और जिम्मेदार कर्मचारियों ने क्यों नहीं उठाई। आरोपी सफाई कर्मी ने खुलासा किया है कि इस पूरे घपले में उसका कोई दोष नहीं है बल्कि अन्य कर्मचारियों ने यह सब किया है।

एक दिन पूर्व डीपीआरओ स्वामीदीन ने तहरीर देकर अपने ही विभाग से जुड़े सफाई कर्मी कुलभूषण सिंह पर आरोप लगाया कि उसने 2017 से लेकर 2020 तक सफाई कर्मचारियों के वेतन से जुड़े 32 लाख रुपये हड़प लिए। यह रुपया सफाई कर्मियों के खातों में भेजा जाना था लेकिन कुलभूषण ने सफाई कर्मियों के खातों में रुपया भेजने की बजाय फर्जी तरीके से नए खाता नंबर तैयार किए। उसने अपने खाते, अपनी पत्नी के खाते और मिथलेश नाम की एक महिला के खाते में लगातार तीन साल हर माह सफाई कर्मियों का मासिक वेतन डालता रहा। दोषी सफाई कर्मी कुलभूषण का कहना है कि इस घपले में साथी बिल लिपिक और डीपीआरओ भी जिम्मेदार हैं। उसे दबाव में लेकर उससे 17 लाख रुपये जमा करा लिए गए। घपले से जुड़ा एक शपथ पत्र भी उससे ले लिया गया। इस संबंध में उसने डीएम, सीडीओ को एक पत्र भी दिया था लेकिन उसे न्याय देने के बजाय उस पर एफआईआर करा दी गई।

सफाई कर्मी ही क्यों बना बलि का बकरा

मैनपुरी। रविवार को पूरे दिन इस घपले का मुद्दा पंचायती राज विभाग में छाया रहा। लोगों में भी घपले से जुड़े सवाल थे। लोग कह रहे थे कि सबसे पहले तो नियम विरुद्ध सफाई कर्मी को बेहद संवेदनशील अकाउंट विभाग में संबद्ध क्यों किया गया। उसका मूल काम सफाई करना था, फिर उससे लिपिकीय काम किस आदेश के तहत लिया गया। हर माह सैलरी भेजी जाती है, गड़बड़ी हो रही थी तो फिर इस पर नजर क्यों नहीं पड़ी? एक महीने में नहीं बल्कि 36 महीने लगातार सैलरी फर्जी खातों में जाती रही। निश्चित रूप से इसकी जिम्मेदारी संबंधित लिपिकों और डीपीआरओ की भी है। उन पर भी कार्रवाई होनी चाहिए।

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  • Web Title:When will the big faces expose 32 million embezzlement in Mainpuri