
टेट की अनिवार्यता ने बढ़ा दी है शिक्षकों की मानसिक पीड़ा
Mainpuri News - मैनपुरी। उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ की बैठक रविवार को स्काउट भवन में आयोजित हुई।
उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ की बैठक रविवार को स्काउट भवन में आयोजित हुई। जिसमें शिक्षकों के लिए टेट की अनिवार्यता के आदेश का विरोध किया गया। आदेश के तहत जो शिक्षक टेट परीक्षा उत्तीर्ण नहीं कर पाएंगे उनकी सेवा समाप्त कर दी जाएगी। इस आदेश से 20 से 25 साल नौकरी कर चुके लाखों शिक्षकों की नौकरी जा रही है। उनके परिवार में मातम छा गया है। संघ द्वारा प्रदेश नेतृत्व के आवाह्न पर 16 सितंबर को ज्ञापन सौंपा जाएगा। संघ के जिलाध्यक्ष अरुण यादव ने कहा कि कोर्ट के आदेश के बाद से शिक्षक मानसिक पीड़ा से गुजर रहा है।
प्रदेश में अवसाद और भय के कारण शिक्षक आत्महत्या कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि 2011 से पहले जो शिक्षक भर्ती योग्यता थी वह अध्यापकों ने पास की, अब नए नियम थोप कर उनको नौकरी से निकाला जा रहा है। इस काले कानून के विरोध में 16 सितंबर को दोपहर 2 बजे पूरे प्रदेश के साथ मैनपुरी में प्रधानमंत्री, केंद्रीय शिक्षा मंत्री के नाम ज्ञापन डीएम को सौंपा जाएगा। बैठक में सभी शिक्षकों ने एक स्वर में काले कानून का विरोध किया। मंत्री सुधीर चौहान ने जिले के शिक्षकों, शिक्षामित्रों, अनुदेशकों से तिकोनिया पार्क में पहुंचने का आवाह्न किया है।

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