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मैनपुरी में सीडीओ बनी सुयशी ने मत्स्य पालन की फाइल की मंजूर

हिन्दुस्तान टीम,मैनपुरीPublished By: Newswrap
Mon, 25 Jan 2021 11:51 PM
मैनपुरी में सीडीओ बनी सुयशी ने मत्स्य पालन की फाइल की मंजूर

मिशन शक्ति के तहत छात्राओं को अधिकारियों ने अपनी कुर्सियां सौंप दी। अधिकारियों की कुर्सियों पर छात्राओं ने मोर्चा संभाला और विभिन्न योजनाओं की फाइलें देखी। इस दौरान इन छात्राओं ने विभिन्न योजनाओं का लाभ बेहतर तरीके से पात्रों तक पहुंचाने के सुझाव भी दिए। सीडीओ बनी सुयशी पांडेय कुर्सी पर बैठते ही मुस्करा उठी। कहा कि ये पल उनके जीवन के लिए एक सपने की तरह है। आईएएस बनने का संकल्प उन्होंने ले रखा है। लेकिन सीडीओ की कुर्सी छात्र जीवन में संभालने का मौका पहले ही मिल गया।

सरकार के निर्देश पर छात्राओं को नायिका बनाने के तहत सोमवार को कार्यक्रम किए गए। विकास भवन में इसके लिए सुबह से ही तैयारियां की गई थीं। दोपहर बाद सीडीओ ईशा प्रिया ने अपनी कुर्सी नायिका सुयशी के लिए छोड़ दी। नगर के कटरा गुलाब बाग निवासी सुयशी जीजीआईसी में कक्षा 11 की छात्रा हैं। कुर्सी संभालते ही उन्होंने मत्स्य विभाग की एक फाइल को देखा और हस्ताक्षर किए। इस दौरान सुयशी ने कहा कि ये सब एक सपने की तरह है। कभी सोचा नहीं था कि उन्हें पढ़ाई पूरी करने से पहले ही सीडीओ बनने का मौका मिल जाएगा। सुयशी के पिता विवेक पांडेय नगर के किरन सौजिया सीनियर सेकेंड्री स्कूल में शिक्षक हैं।

कोई डीडीओ तो कोई बन गया डीआईओएस

मैनपुरी। सोमवार को डीआईओएस की कुर्सी जीजीआईसी की कक्षा 11 की छात्रा ईशा यादव ने संभाली। परियोजना निदेशक की कुर्सी का दायित्व जीजीआईसी की कक्षा 10 की छात्रा निकिता यादव, डीडीओ मैनपुरी की जिम्मेदारी जीजीआईसी कक्षा 12 की खुशी गुप्ता को दी गई। इन छात्राओं ने भी अपने-अपने विभागों की फाइलें चेक की और बेहतर करने के सुझाव दिए। इसके अलावा जीजीआईसी की कक्षा 10 की छात्रा आस्था ने जिला समाज कल्याण अधिकारी, जीजीआईसी की ही कक्षा 10 में पढ़ रही अंशिका शर्मा ने जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी तथा शांती बाल कन्या संस्थान इंटर कॉलेज की कक्षा 10 की छात्रा आस्था बैस ने जिला कार्यक्रम अधिकारी का पद संभाला। इन छात्राओं का कहना था कि ये पल बेहद रोमांचकारी हैं। जब उन्हें पता चला कि उन्हें एक दिन का अधिकारी बनाया जा रहा है तो उनका मन खुशी और उल्लास से भर गया। घर जाकर उन्होंने अधिकारी बनने की दास्तां सुनाई तो पूरा परिवार खुशियों से भर गया। गली मोहल्लों के लोग भी बधाई देने पहुंचे।

शासन ने छात्राओं को नायिका बनाने के निर्देश दिए थे। इसी के तहत विभिन्न अधिकारियों की कुर्सियां छात्राओं को एक दिन के लिए दी गईं। मिशन शक्ति के तहत बालिकाओं को आगे बढ़ाने के लिए ये कोशिश है।

ईशा प्रिया, सीडीओ, मैनपुरी

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