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धूमधाम के साथ जीएसटी का जिले में हुआ स्वागत

धूमधाम के साथ जीएसटी का जिले में हुआ स्वागत

बाजार ने किया जीएसटी का स्वागत मैनपुरी, वरिष्ठ संवाददाता। एक जुलाई का दिन जनपद के लिए खास बन गया। धूमधाम से जिले में जीएसटी का स्वागत किया गया। रात 12 बजते ही नगर के स्टेशन रोड पर आतिशबाजी के धमाकों के साथ जीएसटी का आगाज किया गया। वाणिज्यकर कार्यालय दुल्हन की तरह सजाया गया। जहां पर व्यापारी एकजुट हुए और जीएसटी का स्वागत किया। शनिवार को पूरे दिन लोगों की जुबान पर जीएसटी की चर्चा ही छायी रही। घर से लेकर बाहर तक लोग जीएसटी के बारे में बातें करते रहे। ये बात अलग रही कि जनपद में कुछ चुनिंदा व्यापारियों द्वारा ही जीएसटी के तहत पहले दिन से ही सामान के साथ बिल दिए गए। गांव-देहातों में स्थिति सामान्य ही बनी रही। लेकिन आने वाले दिनों में जीएसटी का व्यापक असर बाजारों में देखने को मिलेगा। इसकी पूरी संभावना है। शनिवार को जीएसटी को लेकर बाजारों में खूब हलचल रही। दुकानदार अपने स्टॉक को दुरुस्त करने में जुटे रहे। दुकानों पर काम हुआ लेकिन आधे से ज्यादा समय तक दुकानदारों ने जीएसटी को समझने में बिताया। देश में एक कर व्यवस्था लागू होने से व्यापारी इस व्यवस्था में अपने आपको ढालने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं। वहीं शनिवार की रात 12 बजते ही पूरे देश के साथ मैनपुरी में भी जीएसटी लागू हो गया। सोशल मीडिया और अखबारों के जरिए शहर के लोग जीएसटी को समझते देखे गए। हालांकि बड़े व्यापारी और दुकानदार भी जीएसटी को लेकर असमंजस में हैं। थोक कारोबारियों के लिए तो इनवायस जारी कर दिया है। लेकिन दुकानदार ग्राहकों को किस तरह बिल दें इस संबंध में कोई प्रपत्र अभी जारी नहीं हुआ है। कपड़ा बाजार पर दिखा जीएसटी का असर मैनपुरी। जीएसटी लागू होने के बाद सर्वाधिक टैक्स कपड़ा बाजार पर बढ़ा है। शनिवार को जिले के कपड़ा बाजार में जीएसटी का असर देखा गया। ग्राहकों की भीड़ कम दिखी। वहीं कपड़ों के शोरूम और मॉल पर पहले दिन से ही ग्राहकों को पक्के बिल दिए गए। जनपद में कपड़े की छोटी-बड़ी लगभग पांच हजार दुकानें हैं। जीएसटी के तहत रेडीमेड गारमेंटस पर 18 फीसदी टैक्स लगाया गया है। पहले दिन छोटी दुकानों पर ग्राहकों को बिल नहीं दिए गए। नगर के बजाजा बाजार, घंटाघर, लेनगंज, स्टेशन रोड पर स्थित रेडीमेड गारमेंटस दुकान संचालकों को स्टॉक रजिस्टर व्यवस्थित करते हुए देखा गया। क्योंकि जीएसटी के तहत स्टॉक रजिस्टर की जानकारी देना अनिवार्य है। जीएसटी लागू होने के बाद दवा मार्केट में असमंजस की स्थिति मैनपुरी। शहर का दवा बाजार जीएसटी के दायरे में पूरी तरह से आ गया है। 97 प्रतिशत दवाओं पर 12 से 28 फीसदी जीएसटी लगाने की घोषणा हुई है। दवा कारोबारियों को माह में तीन बार रिटर्न भरना होगा। अभी एक माह में स्टॉक व्यवस्थित करने की व्यवस्था थी। जीएसटी लागू होने के बाद इस मार्केट में भी असमंजस है। डिस्ट्रीब्यूटर या स्टॉकिस्ट को खरीदे गए माल पर चुकाए कर को देखना होगा। जीएसटी का पंजीकरण दो-तीन माह के आवेदन के बाद भी मिलने में देरी है। तीन प्रतिशत दवाओं को छोड़कर शेष दवाएं जीएसटी के तहत महंगी हो जाएंगी। जीएसटी लागू होने के बाद दवा व्यवसायी प्रवीन शाक्य का कहना है कि दवा कारोबार महंगा हो गया है। आम आदमी पर इसका असर पड़ेगा। जीएसटी का किशनी में नहीं दिखा कोई असर किशनी। शनिवार से पूरे देश के साथ किशनी में लागू हुए जीएसटी कानून का असर नहीं दिखाई दिया। कस्बे के बाजार में किसी भी दुकान पर इसका असर नहीं दिखा। बड़ी दुकानों पर भी खरीदारी करते समय उपभोक्ता को कोई बिल नहीं दिया गया। हालांकि जीएसटी को लेकर व्यापारी आपस में दिनभर चर्चा करते रहे। कई दुकानदार इसके लागू होने से परेशान भी देखे गये। वहीं कस्बे की नवीन मंडी में जीएसटी लागू होने से शुक्रवार से ही काली पट्टी बांधकर विरोध कर रहे व्यापारियों ने शनिवार को भी अपना व्यापार बंद रखा।

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  • Web Title:GST receives welcome in Mainpuri district