
वर्ष में चार बार आयोजित होती है राष्ट्रीय लोक अदालत
Mainpuri News - किशनी। छोटे-छोटे विवादों को लेकर लोग वर्षों तक अदालतों के चक्कर काटते रहते हैं, जिससे समय और धन दोनों की बर्बादी होती है।
छोटे-छोटे विवादों को लेकर लोग वर्षों तक अदालतों के चक्कर काटते रहते हैं, जिससे समय और धन दोनों की बर्बादी होती है। महंगे वकीलों और दलालों के चक्कर में फंसकर लोग अक्सर न्याय से दूर हो जाते हैं। ऐसे मामलों में राहत प्रदान करने के उद्देश्य से सरकार ने राष्ट्रीय लोक अदालत की व्यवस्था लागू की है। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण मैनपुरी द्वारा वर्ष में चार बार राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जाता है। बुधवार को नगर स्थित डा. राममनोहर लोहिया इंटर कॉलेज में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। अपर जनपद न्यायाधीश व पूर्णकालिक सचिव कमल सिंह ने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत में लघु आपराधिक वाद, ई-चालानी वाद, भरण-पोषण के मामले व समझौते के आधार पर निराकरण योग्य सिविल वादों की सुनवाई की जाती है।

राजस्व न्यायालय से संबंधित भू-राजस्व, चकबंदी, स्टांप, श्रम अधिनियम तथा फौजदारी प्रकृति के कई मामलों का निस्तारण भी लोक अदालत के माध्यम से संभव है। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्राधिकरण द्वारा महिलाओं, बच्चों, गरीबों एवं कमजोर वर्ग के लोगों को निःशुल्क विधिक सहायता और सलाह का अधिकार दिया गया है। गिरफ्तारी की स्थिति में व्यक्ति अपनी पसंद के अधिवक्ता से निःशुल्क सलाह प्राप्त कर सकता है और मुकदमों में ड्राफ्टिंग, दस्तावेज़, अनुवाद और अपील संबंधी व्यय भी सरकार वहन करती है।

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